
चेन्नई, 8 मई . तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस से गठबंधन टूटने के बीच द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने Lok Sabha में अपने सांसदों के लिए अलग सीटिंग व्यवस्था की मांग की है.
डीएमके संसदीय दल की नेता कनिमोझी करुणानिधि ने Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी सांसदों के लिए सदन में अलग ब्लॉक आवंटित करने का अनुरोध किया है.
अपने पत्र में कनिमोझी ने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन समाप्त होने के बाद दोनों दलों के Political संबंधों में बड़ा बदलाव आया है. ऐसे में डीएमके सांसदों का कांग्रेस सांसदों के साथ पहले जैसी बैठक व्यवस्था में बने रहना उचित नहीं है.
उन्होंने Lok Sabha अध्यक्ष से आग्रह किया कि डीएमके संसदीय दल के लिए अलग सीटिंग व्यवस्था की जाए ताकि पार्टी सांसद प्रभावी ढंग से अपनी संसदीय जिम्मेदारियां निभा सकें.
यह घटनाक्रम तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव के बीच सामने आया है. हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद Actor-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को समर्थन दे दिया.
कांग्रेस के इस कदम पर डीएमके नेतृत्व ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस पर “Political विश्वासघात” का आरोप लगाया था.
नवनिर्वाचित डीएमके विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों की बैठकों में भी कांग्रेस की खुले तौर पर आलोचना की गई थी. डीएमके नेताओं का कहना था कि कांग्रेस ने अहम Political समय पर अपना रुख बदल लिया.
Political विश्लेषकों का मानना है कि संसद में अलग सीटिंग व्यवस्था की मांग प्रतीकात्मक होने के साथ-साथ Political रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है. यह दोनों दलों के बीच बढ़ती दूरी को दर्शाता है, जो लंबे समय तक तमिलनाडु और राष्ट्रीय राजनीति में सहयोगी रहे हैं.
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस घटनाक्रम का राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता पर असर पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्रीय दल भविष्य के संसदीय चुनावों को लेकर अपनी रणनीति फिर से तय कर रहे हैं.
फिलहाल कांग्रेस और Lok Sabha सचिवालय की ओर से कनिमोझी के पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि Lok Sabha अध्यक्ष का कार्यालय संसदीय प्रक्रियाओं और सदन के नियमों के तहत इस अनुरोध पर विचार करेगा.
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डीएससी