
Patna, 27 जून . पूर्व Union Minister और जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व अध्यक्ष आरसीपी सिंह और बिहार के पूर्व Chief Minister नीतीश कुमार के बीच हुई हालिया मुलाकात ने बिहार में Political अटकलों को हवा दे दी है.
इस मुलाकात ने जहां Political सुलह की संभावनाओं पर चर्चा को हवा दी, वहीं जनता दल (यूनाइटेड) के नेतृत्व ने आरसीपी सिंह की कड़ी आलोचना की है.
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरसीपी सिंह पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जगह-जगह भटकने के बाद आखिरकार वे उसी Political दरवाजे पर लौट आए हैं जिसने उनके करियर को आकार दिया था.
नीरज कुमार के अनुसार, आरसीपी सिंह नीतीश कुमार से माफी मांगते नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि आरसीपी सिंह ने गलतियां कीं, बार-बार Political दल बदले और अंततः उन्हें एहसास हुआ कि उनका Political भविष्य नीतीश कुमार के नेतृत्व से जुड़ा हुआ है. हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आरसीपी सिंह की पार्टी में वापसी के संबंध में कोई भी निर्णय केवल जदयू नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा.
नीरज कुमार ने भी इस बैठक के Political महत्व को कम करके आंका. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सुबह के समय आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से नियमित रूप से मिलते हैं. चूंकि यह बैठक सुबह करीब 8 बजे हुई, इसलिए इसे स्वतः ही Political पुनर्वास का संकेत नहीं माना जाना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि इस स्थिति में विडंबना है क्योंकि आरसीपी सिंह कभी नीतीश कुमार तक पहुंच नियंत्रित करते थे और दूसरों के लिए बैठकें आयोजित करते थे, जबकि अब उन्हें पूर्व Chief Minister से मिलने के अवसर का इंतजार करना पड़ रहा है.
जदयू प्रवक्ता ने आरसीपी सिंह पर संगठन छोड़ने के दौरान पार्टी को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि Political असफलताओं के बावजूद, पार्टी नीतीश कुमार के नेतृत्व और मूल्यों के कारण ही टिकी रही.
नीरज कुमार ने आरसीपी सिंह के पूर्व बयानों को भी याद किया, जिनमें नीतीश कुमार की Political प्रासंगिकता पर सवाल उठाना और उन्हें इतिहास का हिस्सा बताना शामिल है. इन पूर्व टिप्पणियों को उजागर करके जदयू ने राजनीति में वफादारी और विश्वास के महत्व को रेखांकित करने का प्रयास किया.
आरसीपी सिंह कभी नीतीश कुमार के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक थे. उन्होंने Chief Minister के प्रधान सचिव के रूप में कार्य किया, बाद में राजनीति में प्रवेश किया, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, और राज्यसभा सदस्य एवं Union Minister के रूप में भी कार्य किया. हालांकि, दोनों नेताओं के बीच मतभेद पैदा हो गए, जिसके चलते अंततः उन्होंने जदयू छोड़ दिया.
पार्टी छोड़ने के बाद, आरसीपी सिंह भाजपा में शामिल हो गए और बाद में जन सुराज से जुड़ गए. नीतीश कुमार के साथ उनकी हालिया मुलाकात ने उनकी संभावित Political वापसी को लेकर व्यापक अटकलें लगाई हैं.
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एमएस/