
अगरतला, 27 फरवरी . त्रिपुरा के Chief Minister माणिक साहा ने Friday को कहा कि लोकतंत्र पारदर्शिता, जिम्मेदारी और जवाबदेही पर फलता-फूलता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को लोगों के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए और सार्वजनिक सेवा के सबसे ऊंचे स्टैंडर्ड बनाए रखने चाहिए.
सभी वर्गों के लोगों के प्रति जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही पर एक सेमिनार में बोलते हुए, Chief Minister ने कहा कि जवाबदेही लोकतंत्र के मुख्य स्तंभों में से एक है.
उन्होंने कहा कि लोगों की इज्जत की रक्षा करना, पर्सनल डेकोरम बनाए रखना, मुश्किल समय में लोगों के साथ खड़ा होना और काम में पूरी जवाबदेही सुनिश्चित करना एक सच्चे जनप्रतिनिधि को दिखाता है.
Chief Minister ने त्रिपुरा विधानसभा द्वारा आयोजित इस सेमिनार को लोकतंत्र को और ज्यादा पारदर्शी, मजबूत और लोगों पर केंद्रित बनाने की कोशिशों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया.
यह देखते हुए कि जनता का भरोसा जीतना और उसका सम्मान करना एक चुने हुए प्रतिनिधि का सबसे बड़ा कमिटमेंट है, उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र नैतिकता, ट्रांसपेरेंसी और जवाबदेही की नींव पर फलता-फूलता है.
India को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए, उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के दूरदर्शी नेतृत्व में, India का ग्लोबल कद काफी बढ़ा है.
उन्होंने आगे कहा कि इस इज्जत की रक्षा करना और उसे मजबूत करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है.
सीएम साहा ने यह भी बताया कि प्रतिनिधियों को पूरे साल लोगों के लिए उपलब्ध रहना चाहिए, उनकी शिकायतें सुननी चाहिए और तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.
उन्होंने कहा, “लोग सब कुछ देखते और समझते हैं. मकसद सिर्फ चुनावी जीत नहीं होना चाहिए, बल्कि पिछड़े लोगों का विकास और कमजोर तबके की भलाई पक्का करना होना चाहिए.” उन्होंने यह भी कहा कि ईमानदारी, खुद का आकलन और भ्रष्टाचार-मुक्त नजरिया जरूरी है.
डिजिटल इंडिया के दौर में डिजिटल कनेक्टिविटी की अहमियत पर जोर देते हुए, Chief Minister ने कहा कि टेक्नोलॉजी नागरिकों से सीधे जुड़ने का एक बड़ा मौका देती है.
उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स और भलाई की स्कीमों के बारे में जानकारी शेयर करने से ट्रांसपेरेंसी बढ़ती है और लोगों का भरोसा मजबूत होता है, और उन्होंने कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) के काम करने के तरीके और मकसद के बारे में भी बताया, और अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी वाली भूमिका की जरूरत पर जोर दिया.
त्रिपुरा के गवर्नर इंद्र सेना रेड्डी नल्लू ने कहा कि देश का संविधान सिर्फ एक कानूनी डॉक्यूमेंट नहीं है, बल्कि एक गाइड करने वाली ताकत है जो हर नागरिक के लिए न्याय, बराबरी और आजादी पक्का करती है.
यहां प्रज्ञा भवन में सेमिनार को संबोधित करते हुए, गवर्नर ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों का सबसे पहला फर्ज लोगों की सेवा करना है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जवाबदेही सिर्फ चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि एक काम करने वाले लोकतंत्र का एक बुनियादी पिलर है.
गवर्नर ने कहा, “हमारा लक्ष्य यह पक्का करना है कि हर नागरिक को न्याय का संवैधानिक अधिकार मिले. हमें किसानों, आदिवासी समुदायों, महिलाओं और युवाओं को मजबूत बनाने की कोशिश करनी चाहिए.”
रेड्डी नल्लू ने कहा कि भले ही वे खास चुनाव क्षेत्रों से चुने जाते हैं, लेकिन उनकी जिम्मेदारी पूरे राज्य और उसके लोगों तक फैली हुई है.
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एससीएच