
Bengaluru, 29 अप्रैल . अपने प्रशंसक रेनुकास्वामी की सनसनीखेज हत्या के मामले में आरोपी नंबर 2 और जेल में बंद Actor दर्शन ने सबूतों की जांच में हो रही देरी का हवाला देते हुए Supreme Court में जमानत याचिका दायर की है.
Actor दर्शन ने इस मामले में सबूतों की जांच में देरी का हवाला देते हुए Supreme Court में नई जमानत याचिका दाखिल की है.
यह याचिका 14 अप्रैल को दाखिल की गई. दर्शन ने अपनी याचिका में कहा है कि Supreme Court ने पहले निचली अदालत को सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया था, लेकिन इसके बावजूद ट्रायल में देरी हो रही है और मामले के निपटारे में एक साल से अधिक समय लग सकता है. अब तक उन्होंने जांच और ट्रायल की प्रक्रिया में पूरा सहयोग किया है.
इससे पहले Supreme Court ने कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा दर्शन को दी गई जमानत रद्द कर दी थी. शीर्ष अदालत के आदेश के बाद उन्हें पिछले साल 14 अगस्त को दोबारा गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल वह Bengaluru की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद हैं.
कर्नाटक हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द होने के बाद इस बार दर्शन ने सीधे Supreme Court का रुख किया है. इस मामले पर अगले सप्ताह Supreme Court में सुनवाई होने की संभावना है.
दर्शन के प्रशंसक रेनुकास्वामी की 8 जून 2024 को Bengaluru में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. रेनुकास्वामी का चित्रदुर्ग स्थित उनके घर से अपहरण किया गया, फिर उन्हें Bengaluru लाकर एक शेड में रखा गया और कथित तौर पर प्रताड़ित कर मौत के घाट उतार दिया गया.
हत्या के बाद शव को नहर में फेंक दिया गया था. इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब एक निजी अपार्टमेंट के सुरक्षा कर्मियों ने कुत्तों के झुंड को शव घसीटते देखा.
मामले में Bengaluru Police द्वारा अदालत में दाखिल 3,991 पन्नों की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि रेनुकास्वामी ने कथित तौर पर सुपरस्टार दर्शन की करीबी पवित्रा गौड़ा को उनके साथ गुप्त लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का प्रस्ताव दिया था.
रेनुकास्वामी के अपहरण और हत्या के आरोप में दर्शन, पवित्रा गौड़ा समेत 17 लोगों को 11 जून 2024 को गिरफ्तार किया गया था. बाद में Bengaluru सेंट्रल जेल में दर्शन को कथित ‘शाही सुविधाएं’ मिलने की तस्वीरें सामने आने के बाद उन्हें बल्लारी जेल भेजा गया था. इस मामले में उनके खिलाफ तीन First Information Report दर्ज हैं.
Supreme Court ने दर्शन, पवित्रा गौड़ा और अन्य आरोपियों की जमानत रद्द कर दी थी.
–
एएमटी/एबीएम