पंजाब में ‘आप’ सरकार ने भ्रष्टाचार के नए रिकार्ड बनाए : सुनील जाखड़

चंडीगढ़, 15 अप्रैल . पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भगवंत मान की आम आदमी पार्टी Government पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश मान Government ने भ्रष्टाचार के नए रिकार्ड बनाए हैं.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान उस वक्त आया है जब आप के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के आवास और लवली इंस्टीट्यूट पर Enforcement Directorate (ईडी) की छापेमारी का मामला सामने आया है.

चंडीगढ़ में से बातचीत में पंजाब भाजपा अध्यक्ष ने ईडी की रेड को सही ठहराते हुए इसे शिक्षा घोटाले से जोड़कर देखा है. उन्होंने कहा कि अशोक मित्तल न केवल राज्यसभा सदस्य हैं बल्कि लवली यूनिवर्सिटी के मालिक भी हैं, इसलिए इस मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है.

जाखड़ ने बताया कि 8 और 9 अप्रैल को पंजाब व Haryana हाईकोर्ट ने एससीबीसी पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप में लगभग 230 करोड़ रुपए के कथित घोटाले पर कड़ी टिप्पणी की थी. कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि पिछले चार वर्षों में इस मामले में न तो शुरुआती जांच हुई और न ही कोई First Information Report दर्ज की गई. अदालत ने चेतावनी दी कि यदि Police कार्रवाई नहीं करती है, तो उसे सख्त कदम उठाने पड़ेंगे.

उन्होंने कहा कि ईडी की कार्रवाई को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए और यह कदम उन गरीब छात्रों के हित में है, जिन्हें शिक्षा से वंचित किया गया. जाखड़ ने भीमराव अंबेडकर के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षित बनो, संगठित बनो और संघर्ष करो का संदेश आज भी प्रासंगिक है.

पंजाब Government पर तंज कसते हुए जाखड़ ने Chief Minister भगवंत मान पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस मामले में कोई ठोस जांच नहीं करवाई. उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों दलों के बीच मिलीभगत के संकेत मिलते हैं.

उन्होंने पूर्व Chief Minister चरणजीत सिंह चन्नी के कार्यकाल का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय भी ईडी की कार्रवाई हुई थी लेकिन तत्कालीन Government ने उस मामले की भी गंभीरता से जांच नहीं की.

जाखड़ ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार पर चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षा, नौकरियों और प्रशासनिक नियुक्तियों में अनियमितताएं चरम पर हैं. पंजाब में भारी संख्या में पद खाली पड़े हैं लेकिन Government उन्हें भरने में विफल रही है.

पानी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह केवल तकनीकी नहीं बल्कि पंजाब के लिए भावनात्मक विषय है. इसलिए इससे जुड़े हर फैसले में राज्य Government की सक्रिय और भरोसेमंद भागीदारी जरूरी है.

डीकेएम/पीएम

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