पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों तक टली त्रिपुरा जनजातीय परिषद के गठन की प्रक्रिया

अगरतला, 24 अप्रैल . त्रिपुरा की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) ने त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) के नए गठन को फिलहाल टालने का फैसला किया है. पार्टी का कहना है कि नई परिषद का गठन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों का आकलन करने के बाद ही किया जाएगा.

पार्टी के एक नवनिर्वाचित वरिष्ठ नेता के अनुसार, परिषद के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) के चुनाव समेत पूरी गठन प्रक्रिया बंगाल चुनाव परिणामों के बाद ही आगे बढ़ेगी. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 152 सीटों पर पहले चरण का मतदान Thursday को हो चुका है, जबकि शेष 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोटिंग होगी.

इसी बीच त्रिपुरा Government के जनजातीय कल्याण विभाग ने अधिसूचना जारी कर बताया है कि राज्य के विधि सचिव संकारी दास 27 अप्रैल को टीटीएएडीसी के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाएंगे. आम तौर पर शपथ ग्रहण के बाद ही नए चेयरमैन और सीईएम का चुनाव होता है, लेकिन इस बार पार्टी ने इंतजार करने का निर्णय लिया है.

हाल ही में घोषित टीटीएएडीसी चुनाव परिणामों में टीएमपी ने 28 में से 24 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. भाजपा को केवल 4 सीटों पर संतोष करना पड़ा. दिलचस्प बात यह है कि भाजपा, टीएमपी और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने इस बार अलग-अलग चुनाव लड़ा था.

30 सदस्यीय टीटीएएडीसी में 28 निर्वाचित और 2 नामित सदस्य होते हैं, और यह परिषद राज्य के लगभग 70 प्रतिशत भू-भाग का प्रशासन संभालती है. वर्ष 2021 से टीएमपी इस परिषद पर नियंत्रण बनाए हुए है और लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर उसने अपनी Political स्थिति और मजबूत की है.

विशेषज्ञों का मानना है कि जनजातीय आबादी, जो राज्य की कुल आबादी का करीब एक-तिहाई है, त्रिपुरा की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाती है. ऐसे में टीएमपी की लगातार जीत राज्य की सियासत में उसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है.

डीएससी

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