
New Delhi, 21 अप्रैल . इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में Gujarat टाइटंस (जीटी) की तरफ से खेल रहे बैटिंग ऑलराउंडर शाहरुख खान का मानना है कि Mumbai इंडियंस के खिलाफ करारी हार टीम के तौर पर उन्हें परिभाषित नहीं कर सकती. Gujarat टाइटंस 20 अप्रैल को Mumbai इंडियंस के विरुद्ध मैच 99 रन से गंवा बैठी थी. जीटी 6 में से 3 मुकाबले गंवाकर आईपीएल 2026 की प्वाइंट्स टेबल में छठे पायदान पर मौजूद है.
शाहरुख खान ने ‘ ’ से खास बातचीत में कहा, “यही वो चीज है जो हमें करनी है. जाहिर है, एक लंबे टूर्नामेंट में किसी भी टीम के लिए उतार-चढ़ाव आना बहुत आम बात है, लेकिन एक प्रोफेशनल के तौर पर, यह जरूरी है कि हम उन बातों को एक तरफ रख दें और आगे देखें कि हमें क्या करना है. मुझे लगता है कि हर कोई इतना अनुभवी है कि उसे यह बात पता है. एक करारी हार हमें एक टीम के तौर पर परिभाषित नहीं कर सकती. एक लंबे टूर्नामेंट में हर किसी को कभी न कभी ऐसी एक करारी हार का सामना करना पड़ता है. एक खिलाड़ी के तौर पर, हमने उस हार को पीछे छोड़ दिया है और जो कुछ भी हुआ, उससे हमने कुछ सकारात्मक बातें सीखी हैं और अब हम आगे बढ़ रहे हैं.”
शाहरुख खान ने इस सीजन 6 मुकाबलों में 11.66 की औसत के साथ महज 35 रन बनाए हैं. आईपीएल 2026 में अपनी तैयारियों के बारे में शाहरुख ने कहा, “जाहिर है, मेरी भूमिका निचले-मध्य क्रम में है, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, ऐसा नहीं होता कि कोई एक ही खास स्थिति में बल्लेबाजी करेगा. जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, हर किसी को मैदान में उतरने, किसी भी स्थिति के हिसाब से खुद को ढालने और खेलने के लिए तैयार रहना पड़ता है. यह कोई तय भूमिका नहीं है. यह जरूरी है कि मध्य क्रम के बल्लेबाजों के तौर पर, हम मानसिक रूप से पूरी तरह से खुले विचारों वाले हों और मैदान में उतरकर हमारे सामने आने वाली किसी भी स्थिति के हिसाब से प्रतिक्रिया दें.”
नंबर 4, 6 और 7 पर बल्लेबाजी करने में अंतर पर शाहरुख ने कहा, “जाहिर है, यह पूरी तरह से एक अलग भूमिका है. मैं यह नहीं कहूंगा कि यह वाली पोजीशन अच्छी है या वो वाली पोजीशन अच्छी है. एक प्रोफेशनल के तौर पर, यह जरूरी है कि हम किसी भी स्थिति के हिसाब से खुद को ढाल लें, जैसा कि मैंने आपको बताया. नंबर 4 पर, जाहिर है, आपको थोड़ा ज्यादा समय लेने का मौका मिलता है, शायद तीन-चार गेंदें ज्यादा मिलती हैं ताकि आप अपनी नजरें जमा सकें.”
उन्होंने कहा, “लेकिन निचले क्रम में, ऐसा नहीं होता. एक प्रोफेशनल के तौर पर, हम सभी जानते हैं कि स्थिति यही है और हम चाहे जिस भी नंबर पर बल्लेबाजी करें, हालात ऐसे ही रहने वाले हैं. जाहिर है, नेट्स में और अभ्यास के दौरान हम जितनी ज्यादा गेंदों का सामना करते हैं, उसके हिसाब से यह जरूरी है कि हम अपने सामने आने वाली किसी भी स्थिति के हिसाब से खुद को ढाल लें. जाहिर है, अगर हमें नंबर 4 या नंबर 7 पर बल्लेबाजी करनी पड़ती है, तो दोनों स्थितियां अलग-अलग होती हैं, लेकिन एक प्रोफेशनल के तौर पर, हमें यह करना ही पड़ता है. हमारे पास यहां कोई दूसरा विकल्प नहीं है.”
इस सीजन मैथ्यू हेडन Gujarat टाइटंस के बल्लेबाजी कोच होने पर खुशी जताते हुए शाहरुख खान ने कहा, “जाहिर है, वह एक वर्ल्ड-क्लास खिलाड़ी रहे हैं. हर कोई उन्हें अपना आदर्श मानता है क्योंकि उन्होंने अपने पूरे करियर में, जब भी बैटिंग की, जिस तरह की ताकत और दबदबा दिखाया, वह जबरदस्त था. वह नेट्स में सभी बैटर्स की सच में बहुत मदद कर रहे हैं—बस छोटी-छोटी और आसान बातें बताकर. इससे बल्लेबाज को मैदान पर जाकर अपनी मर्जी का खेल दिखाने में सच में मदद मिल रही है. जाहिर है, हेडन हर उस बैटर के लिए एक बहुत बड़ा प्रेरणास्रोत रहे हैं जो टीम में आता है, खासकर ओपनर्स के लिए, क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी ओपनिंग की है और जिस तरह से वह ओपनर्स को चीजें समझाते हैं, वह कमाल का है. उनके टीम में आने से यह फायदा साफतौर पर मिला है. वह एक ऐसे इंसान हैं, जो हमेशा पूरी तरह से तैयार और चौकस रहते हैं, और उनमें वह आक्रामकता भी है. इसलिए, उनका टीम में होना सच में बहुत अच्छा है.”
एक ‘फिनिशर’ की सोच और वह अपने खेल के अलग-अलग पहलुओं पर कैसे काम कर रहे हैं, इस बारे में शाहरुख ने कहा, “एक फिनिशर का काम यह होता है कि सामने जो भी हालात हों, उनके हिसाब से पहली ही गेंद से तेजी से खेलना शुरू कर दे. मेरी तैयारी बहुत सीधी-सादी रही है. जाहिर है, डेथ ओवर्स में हर कोई यॉर्कर या धीमी गेंदें फेंकने की कोशिश करता है. तो, गेंद इन दोनों में से ही कोई एक होगी. मेरी तैयारी कुछ इस तरह की रही है कि मैं धीमी गेंदों को जितनी जल्दी हो सके पहचान लूं, उन्हें जितना हो सके सीधे और जोरदार तरीके से हिट करने की कोशिश करूं. जाहिर है, यॉर्कर एक ऐसी गेंद है जिसका इस्तेमाल सभी बॉलर्स डेथ ओवर्स में जरूर करते हैं. इसलिए, मैं प्रैक्टिस के दौरान यॉर्कर गेंदों को खेलने का जितना हो सके उतना अभ्यास करता हूं. तो, डेथ ओवर्स में बैटिंग के इन दो पहलुओं पर मेरा काम लगातार चल रहा है.”
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आरएसजी