
New Delhi, 21 अप्रैल . ईरान-अमेरिका संघर्ष पर दूसरे दौर की वार्ता के संदर्भ में ईरान के विदेश मंत्रालय ने Pakistan यात्रा को लेकर स्पष्ट किया कि फिलहाल इस्लामाबाद जाने की कोई योजना नहीं है. इसका कारण अमेरिकी पक्ष की ओर से मिल रहे विरोधाभासी संदेश और व्यवहार को बताया गया.
तेहरान टाइम्स के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा, ”तेहरान की फिलहाल इस्लामाबाद जाने की कोई योजना नहीं है. इसका कारण अमेरिकी पक्ष के विरोधाभासी संदेश, विरोधाभासी व्यवहार और अस्वीकार्य कार्य हैं.”
वहीं, इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका की “उकसाने वाली कार्रवाइयां” और युद्धविराम उल्लंघन दोनों देशों के बीच शांति वार्ता को जारी रखने में बड़ी बाधाएं हैं.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका की “उकसाने वाली कार्रवाइयां” और युद्धविराम उल्लंघन दोनों देशों के बीच शांति वार्ता को जारी रखने में बड़ी बाधाएं हैं.
अपने Pakistanी और रूसी समकक्षों के साथ अलग-अलग फोन वार्ताओं के दौरान अराघची ने ईरानी वाणिज्यिक जहाजरानी के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाइयों की निंदा की, जिसमें कंटेनर पोत टौस्का और उसके चालक दल की कथित जब्ती भी शामिल है. विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, उन्होंने वॉशिंगटन की “विरोधाभासी नीतियों और धमकी भरी बयानबाज़ी” का भी हवाला दिया.
आठ अप्रैल को 40 दिनों की लड़ाई के बाद लागू हुआ युद्धविराम अभी भी नाजुक बना हुआ है. शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, Pakistan ने तेहरान और वॉशिंगटन के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं में मध्यस्थता की है और 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की मेजबानी की लेकिन ईरान ने अगले दौर में भागीदारी की पुष्टि नहीं की है.
वहीं, ईरान-अमेरिका अस्थायी संघर्ष विराम की मियाद खत्म होने से पहले अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर धमकी दी है.
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा- ईरान ने कई बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. अमेरिकी President का ये बयान तब सामने आया है जब अस्थायी संघर्ष विराम की समय सीमा खत्म होने को है और इस्लामाबाद टॉक्स के दूसरे दौर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. आठ अप्रैल (भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे) को संघर्ष विराम का ऐलान किया गया था.
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एवाई/डीकेपी