326 करोड़ के बैंक घोटाला मामले में ईडी की कार्रवाई, हैदराबाद में 7 ठिकानों पर छापेमारी

हैदराबाद, 23 अक्टूबर . Enforcement Directorate (ईडी) हैदराबाद ने ‘धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002’ (पीएमएलए) के तहत कनकधारा वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (केवीपीएल) और उसके निदेशकों से जुड़े मामलों में हैदराबाद, सिकंदराबाद और मेडचल-मलकाजगिरी (तेलंगाना) में 7 जगहों पर तलाशी ली.
यह मामला पंजाब नेशनल बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह द्वारा कंपनी को दी गई 326.49 करोड़ रुपए की क्रेडिट सुविधाओं के दुरुपयोग से जुड़ा है. ईडी की जांच से पता चला है कि केवीपीएल को दी गई बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधाओं का गलत इस्तेमाल किया गया.
इसके साथ ही फर्जी स्टील खरीद के बिन (इनवॉइस) और ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों का सहारा लेकर, संबंधित और मध्यस्थ कंपनियों के जरिए फंड को दूसरी जगह डायवर्ट किया गया. ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि केवीपीएल ने बैंकों के समूह की जानकारी के बिना, उनके साथ हुए समझौते के दायरे से बाहर जाकर भी बैंक खाते चलाए थे.
एक दूसरा मामला Friday को दिल्ली से सामने आया, जहां एनआरआई हाउसिंग लोन धोखाधड़ी के मामले में Enforcement Directorate (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की. जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने दिल्ली-एनसीआर समेत तीन क्षेत्रों में कुल 13 ठिकानों पर छापेमारी कर तलाशी अभियान चलाया. इस कार्रवाई में नोएडा के ठिकाने भी शामिल हैं, जहां ईडी की टीम दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच में जुटी हुई है.
बताया जा रहा है कि यह मामला कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के नाम पर हाउसिंग लोन हासिल करने से जुड़ा है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ईडी की टीमें दिल्ली-एनसीआर के अलावा Bengaluru और चंडीगढ़ में भी तलाशी अभियान चला रही हैं. जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य कथित धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की पड़ताल करना है.
इस मामले की जांच के दौरान एनआरआई की दो रियल एस्टेट कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं. इनमें अंतरिक्ष प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और सनशाइन इंफ्रावेल प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.
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डीके/डीकेपी


