2027 का यूपी चुनाव भी सीएम योगी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा, संसदीय बोर्ड करेगा फैसला : अजय आलोक

Patna, 8 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने विभिन्न मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी और विपक्षी दलों के रवैये पर भी सवाल उठाए.

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी के Chief Minister का चेहरा भाजपा संसदीय बोर्ड द्वारा तय किए जाने संबंधी बयान पर अजय आलोक ने कहा कि यह पार्टी की सामान्य प्रक्रिया है. 2022 का विधानसभा चुनाव भी Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लड़ा गया था और चुनाव के बाद संसदीय बोर्ड ने औपचारिक घोषणा की थी. इसी तरह आगामी चुनाव भी योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लड़ा जा रहा है और Chief Minister पद को लेकर अंतिम औपचारिक घोषणा पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा. उन्होंने विपक्ष पर सामान्य प्रक्रिया को अनावश्यक विवाद बनाने का आरोप लगाया.

राहुल गांधी के रायबरेली दौरे पर अजय आलोक ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि लंबे समय से रायबरेली और अमेठी का प्रतिनिधित्व गांधी परिवार से जुड़ा रहा है, लेकिन इन क्षेत्रों की समस्याएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुईं. उत्तर प्रदेश Government और भाजपा नेताओं की वजह से दोनों क्षेत्रों में विकास हुआ है. बाढ़ प्रभावितों के बीच राहुल गांधी के पहुंचने पर भी उन्होंने सवाल उठाए और सांसद निधि के इस्तेमाल को लेकर आरोप लगाया और कहा कि राहुल गांधी को 2029 में फिर वायनाड लौटने की जरूरत पड़ सकती है.

सहारनपुर में एएसआई सर्वे के दौरान मस्जिद के नीचे कथित तौर पर कुआं मिलने के सवाल पर अजय आलोक ने कहा कि पुरानी इमारतों और धार्मिक स्थलों के नीचे खुदाई में ऐतिहासिक अवशेष मिलना नई बात नहीं है. अतीत में कई मंदिरों और बावड़ियों को तोड़कर उनके ऊपर दूसरे निर्माण किए गए. हालांकि, हर मंदिर या मस्जिद के नीचे किसी धार्मिक अवशेष की तलाश नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस रुख का भी उल्लेख किया, जिसमें हर धार्मिक स्थल के नीचे शिवलिंग तलाशने की नीति से बचने की बात कही गई थी. आलोक ने कहा कि जो तथ्य सामने आ चुके हैं, उनके आधार पर न्यायालय को निर्णय करना चाहिए.

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद गिराए जाने को लेकर सपा सांसद इकरा हसन की आपत्ति पर उन्होंने कहा कि Governmentी जमीन पर अवैध निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती. निर्माण चाहे किसी भी धर्म से जुड़ा हो, यदि वह अवैध है तो कार्रवाई होनी चाहिए.

कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान अष्टमी पर शराब बंदी के बाद नॉनवेज पर भी रोक की मांग को लेकर अजय आलोक ने कहा कि लोगों के खान-पान का निर्णय राज्य Government और वहां की जनता को करना चाहिए. धार्मिक संत या किसी अन्य व्यक्ति को यह तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए कि पूरी जनता क्या खाए या क्या न खाए.

कालीघाट मंदिर से जुड़े कथित घोटाले पर उन्होंने कहा कि मंदिर-मठों की संपत्तियों का व्यवस्थित प्रबंधन होना चाहिए और राज्य Government को इस दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए.

सीएम सुवेंदु अधिकारी द्वारा पश्चिम बंगाल की आर्थिक स्थिति को लेकर पूर्व की ममता Government पर लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए आलोक ने कहा कि राज्य की स्थिति सुधारने में समय लगेगा. उन्होंने दावा किया कि करीब दो साल में नया बंगाल बनाने की दिशा में काम किया जाएगा.

दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में जवाबदेही तय करने की राहुल गांधी की मांग पर अजय आलोक ने कहा कि हादसे की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने कहा कि संबंधित भवन में कई मंजिलें बनी थीं और पूर्व में उस पर कार्रवाई के बावजूद बाद में उसे राहत मिली. अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है और कई अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है. अजय आलोक ने राहुल गांधी पर हादसे को Prime Minister से जोड़कर राजनीति करने का आरोप लगाया.

बिहार में बाढ़ को लेकर अजय आलोक ने कहा कि हर साल राज्य में बाढ़ आती है, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि संकट के समय Government लोगों के प्रति कितनी संवेदनशील रहती है. Chief Minister के नेतृत्व में बाढ़ प्रभावितों की मदद की जा रही है. Government की प्राथमिकता यह है कि कोई व्यक्ति भूखा न रहे और बाढ़ से क्षतिग्रस्त घरों के लिए मुआवजा दिया जाए.

तेजस्वी यादव द्वारा बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और राहत के लिए पांच हजार करोड़ रुपए की मांग पर आलोक ने कहा कि तेजस्वी को कम से कम इस बार बिहार की बाढ़ दिखाई दे रही है. उन्होंने तेजस्वी से उनके विधानसभा क्षेत्र राघोपुर जाकर राहत कार्यों में हिस्सा लेने की अपील की और आरोप लगाया कि पत्र लिखकर राजनीति करने के बजाय उन्हें अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी निभानी चाहिए.

कांग्रेस प्रवक्ता रितम सिंह द्वारा रिटायर्ड सैन्यकर्मी को लेकर की गई टिप्पणी पर अजय आलोक ने कांग्रेस को अपने भीतर झांकने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भी सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों, अधिकारियों और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों को अलग-अलग संवैधानिक और Political जिम्मेदारियां दी हैं. यदि कांग्रेस को इस तरह की नियुक्तियों पर आपत्ति है तो उसे इसकी शुरुआत अपने ही दल से करनी चाहिए.

पीएसके/एबीएम

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