यूबीटी के कई विधायक हमारे संपर्क में हैं, मैं विलेन बनकर खुश हूं : प्रताप सरनाईक

Mumbai , 9 सितंबर . Maharashtra के परिवहन मंत्री और शिवसेना के नेता प्रताप सरनाईक ने को दिए इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे की नींद उड़ाने वाला दावा किया है. उन्होंने ऑपरेशन टाइगर पर मुहर लगाते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, लेकिन मैं अभी दिन और तारीख नहीं बताऊंगा.

उन्होंने कहा कि उद्धव की पार्टी या ठाकरे परिवार राजनीति से खत्म नहीं होगा, लेकिन उसका महत्व कम होता जा रहा है. चुनाव जीतकर आए कुछ सांसदों और विधायकों को अब अपनी Political गलती का अहसास हो रहा है और वे शिंदे के साथ आ रहे हैं. ‘ऑपरेशन टाइगर’ को किसी तय संख्या या औपचारिक अभियान के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. बालासाहेब ठाकरे ने शिवसेना की स्थापना जिन विचारों के आधार पर की थी, उनमें हिंदुत्व महत्वपूर्ण था, जिससे 2019 में कांग्रेस के साथ जाने के बाद उद्धव ठाकरे ने उस विचारधारा से दूरी बना ली.

प्रताप सरनाईक ने विधायकों की बगावत के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व छोड़ दिया, इसलिए पहले भी लोगों ने उन्हें छोड़ा और अब फिर से चुनकर आए सांसदों ने छोड़ा. अब विधायकों का नंबर है. उन्हें लगता है कि उन्होंने गलत निर्णय लिया था, इसलिए वे हमारे पास आना चाहते हैं. अगर लोग मुझे विलेन समझते हैं तो मैं विलेन ही सही और इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं. अगर बालासाहेब की विचारधारा को आगे ले जाने के लिए विलेन बनना पड़े तो उन्हें खुशी है.

मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद पर सरनाईक ने कहा कि यूपी, बिहार सहित अन्य उत्तर भारतीय राज्यों के नेताओं ने 15 साल पहले अपने राज्यों में रोजगार और व्यापार के लिए कुछ नहीं किया, इसलिए बड़ी संख्या में लोग पलायन कर Mumbai -Maharashtra आए. Mumbai ने उन्हें अपनाया. ऐसे में अगर व्यवहारिक मराठी भाषा सीखने के लिए कहा गया है तो इसमें क्या गलत है?

वहीं, गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिमों के प्रवेश और बुर्के पर प्रतिबंध को लेकर दिए गए बयानों पर सरनाईक ने मंत्री नितेश राणे से असहमति जताई. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान कई बार प्रचार पाने के लिए दिए जाते हैं. वह बड़े स्तर पर दही हांडी और गणपति उत्सव आयोजित करते हैं, जिनमें मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल होते हैं और उन्हें इसमें कोई परेशानी नहीं होती. त्योहारों में लोगों की भागीदारी को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस कथन का भी समर्थन किया, जिसमें मुस्लिमों के प्रति प्रेम और सद्भाव को हिंदू मूल्यों से जोड़ा गया था.

पीएसके/डीकेपी

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