
New Delhi, 11 जनवरी . ईरान में करीब दो हफ्ते से ज्यादा समय से सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के खिलाफ लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के बीच ईरान में इंटरनेट सेवा रोक दी गई है. वहीं इस प्रदर्शन ने अब हिंसक रूप ले लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रदर्शन में अब तक 116 लोगों की जान चली गई है.
अमेरिका की मानवाधिकार गतिविधि से संबंधित न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए) ने Saturday को अनुमान लगाया कि कम से कम 2,638 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एक तरफ अमेरिका ईरान को लगातार धमकी दे रहा है कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ईरानी Government हिंसा करती है, तो अमेरिकी सेना स्ट्राइक करेगी. वहीं दूसरी ओर ईरान ने भी अमेरिका पर पलटवार किया है.
ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने पर अल्लाह का दुश्मन होने का आरोप लग सकता है, यह एक ऐसा जुर्म है जिसकी सजा मौत है. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों की मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति पर यही आरोप लगेगा.
वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने तेहरान को उसके धैर्य और इरादे की परीक्षा न लेने की चेतावनी दी. ईरान में Government के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान देश भर में इंटरनेट शटडाउन अभी भी जारी है और अब 60 घंटे से ज्यादा हो गया है.
दूसरी ओर इजरायली मीडिया ने बताया कि ईरान ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि अमेरिका के किसी भी हमले का नतीजा यह होगा कि तेहरान, इजरायल और आस-पास के अमेरिकी सैन्य बेस को टारगेट मानकर उन पर जवाबी हमला करेगा.
इजरायली मीडिया ने सूत्रों के हवाले से कहा कि ईरान में देश भर में चल रहे Government-विरोधी आंदोलन का समर्थन करने के लिए अमेरिका के हस्तक्षेप की संभावना को लेकर इजरायल हाई अलर्ट पर है. ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर ने कहा कि अगर अमेरिका खामेनेई Government के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के दौरान कोई नया हमला करता है, तो ईरान अमेरिकी सैन्य और शिपिंग टारगेट पर हमला करेगा. इससे इजरायल को भी खतरा है.
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केके/एएस