
सहारनपुर, 6 सितंबर . उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी अवैध मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है. मस्जिद को तोड़ने के बाद उसके बीच में एक गहरा कुआं मिला है. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सियासत गरमा गई है. विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को लेकर योगी Government पर जमकर निशाना साधा है.
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने Lucknow में इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “100 साल पुरानी कोई भी इमारत अवैध नहीं हो सकती, यह बात साफ है. प्रभावित पक्ष को Supreme Court जाने का मौका भी नहीं दिया गया. हमारे देश का संविधान उन्हें अधिकार देता है लेकिन उन्हें हाईकोर्ट जाने की भी इजाजत नहीं दी गई.”
उन्होंने आरोप लगाया कि Government और प्रशासन के इशारे पर रात के अंधेरे में उस मस्जिद को गिरा दिया गया. भारतीय जनता पार्टी ने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच ध्रुवीकरण करने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए ऐसे कदम उठाए.
वहीं, Samajwadi Party के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान का समर्थन करते हुए भाजपा Government को मुस्लिम विरोधी बताया. उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों को, धार्मिक स्थलों को लगातार निशाना बना रही है. न्यायपालिका से एक फैसला आया, जो निचली अदालत का था. ऊपरी अदालत में जाने का मौका नहीं दिया गया. ऐसी क्या जल्दबाजी थी? भारतीय जनता पार्टी की Government मुस्लिम विरोधी हैं. सहारनपुर की घटना कलंक है क्योंकि आप अगर इस तरह से धर्मस्थल को गिरा देंगे, बिना न्यायिक प्रक्रिया के पूरे हुए, तो Samajwadi Party समझती है कहीं न कहीं भारतीय जनता पार्टी की Government मस्जिद विरोधी है.”
वहीं, सत्तापक्ष के सहयोगी दल जेडीयू ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया है. Patna में जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा, “अगर नियमों का उल्लंघन करके मस्जिद, मंदिर या चर्च बनाए जाते हैं, तो Government को संविधान और कानून के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए. अगर नियमों के खिलाफ कुछ भी किया जाता है, तो धार्मिक आस्था से ऊपर कानून को प्राथमिकता दी जाती है.”
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पीआईएम/पीएम