हिसार रोडवेज में अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू; 260 बसों का संचालन ठप, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

हिसार, 31 अक्टूबर . Haryana रोडवेज के हिसार डिपो में Saturday सुबह चार बजे से रोडवेज कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है. सांझा संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी पिछले 40 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं.
Friday शाम को प्रशासन के साथ हुई वार्ता विफल होने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन को अनिश्चितकालीन करने का फैसला लिया. चक्का जाम के चलते हिसार और हांसी डिपो की करीब 260 बसों का संचालन प्रभावित हुआ है.
Saturday तड़के चार बजे से ही रोडवेज कर्मचारी डिपो के मुख्य गेट पर पहुंच गए और मोर्चा संभाल लिया. कर्मचारियों ने बसों को बाहर निकलने से रोक दिया, जिसके चलते बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया. सुबह चंडीगढ़ जाने वाली बस को भी कर्मचारियों ने वर्कशॉप और बस स्टैंड से बाहर नहीं निकलने दिया. कर्मचारियों के आंदोलन के कारण सुबह से ही यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में रात्रि ठहराव भत्ता, टीए (यात्रा भत्ता) और ओवरटाइम का भुगतान शामिल है. कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से इन मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है. इसी के विरोध में सांझा संघर्ष समिति के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम करने का निर्णय लिया है.
इससे पहले Friday शाम को एसडीएम ज्योति मित्तल की अध्यक्षता में रोडवेज यूनियन के प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच वार्ता हुई थी. हालांकि, यह बैठक बेनतीजा रही. कर्मचारियों और प्रशासन के बीच मांगों को लेकर सहमति नहीं बन पाई. वार्ता विफल होने के बाद यूनियन ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार Saturday सुबह चार बजे से चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया.
वहीं, रोडवेज प्रशासन बसों का संचालन दोबारा शुरू करवाने के प्रयास में जुटा है. हिसार डिपो के महाप्रबंधक (जीएम) राहुल मित्तल ने बताया कि प्रशासन लगातार स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहा है. यात्रियों को हो रही असुविधा को देखते हुए उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बातचीत की जा रही है.
कर्मचारियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है. ऐसे में हिसार और हांसी से बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
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एसएके/पीएम


