Skip to content
Sunday, 1 November 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
टेलीविजन,मनोरंजन

माया में दिखती है मेरी झलक; ‘जगद्धात्री’ की सयंतनी घोष ने न्याय और बदले की थ्योरी पर की बात

माया में दिखती है मेरी झलक; ‘जगद्धात्री’ की सयंतनी घोष ने न्याय और बदले की थ्योरी पर की बात

Mumbai , 1 नवंबर . Actress सयंतनी घोष लोकप्रिय धारावाहिक ‘जगद्धात्री’ में ‘माया देशमुख’ नाम की एक शक्तिशाली, निडर और प्रभावशाली बिजनेस व मीडिया टाइकून का किरदार निभा रही हैं. Actress का मानना है कि न्याय और बदले के बीच बहुत महीन रेखा होती है.

सयंतनी घोष ने न्याय और बदले की थ्योरी पर बात करते हुए बताया कि जब लोगों को लगता है कि उन्हें न्याय नहीं मिलता है, तो उनकी भावनाएं कभी-कभी उन्हें बदला लेने की ओर खींचने लगती हैं. उन्होंने कहा, “न्याय और बदला कई मायनों में एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं लेकिन दोनों के बीच की रेखा बहुत महीन होती है. कानूनी नजरिए से देखें, तो किसी स्थिति में एक व्यक्ति को सजा मिल गई हो और कानूनी तौर पर न्याय हो गया हो लेकिन फिर भी पीड़ित को लगे कि उसे ठीक से न्याय नहीं मिला. यहीं पर मामला पेचीदा हो जाता है.”

Actress ने कहा कि कभी-कभी यह बताना मुश्किल हो जाता है कि न्याय कहां खत्म होता है और बदला कहां से शुरू होता है. उन्होंने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से नियमों और आपके दिल-दिमाग के बीच संतुलन में विश्वास करती हूं. हर नियम पर बहस नहीं की जा सकती लेकिन समाज को चलाने के लिए कुछ ढांचे और अनुशासन जरूरी हैं लेकिन साथ ही कुछ उम्मीदें सामाजिक प्रतिबद्धता से आती हैं और वे हमेशा किसी व्यक्ति के लिए सही नहीं हो सकती हैं.”

उन्होंने बताया कि लोगों को कुछ सामाजिक अपेक्षाओं पर सवाल उठाना चाहिए और हर नियम को आंख बंद करके मानने के बजाय यह तय करना चाहिए कि उनके लिए सबसे अच्छा क्या है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ बगावत करने के लिए बगावती होना भी जवाब नहीं है.

Actress ने अपने किरदार के बारे में बात करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि माया में मेरे खुद के व्यक्तित्व के कुछ पहलू हैं लेकिन वह मुझे अलग-अलग तरीकों से प्रभावित भी करती है. जब आप लंबे समय तक कोई किरदार निभाते हैं, तो कभी-कभी असली इंसान और किरदार के बीच की रेखाएं धुंधली हो जाती है. मुझे लगता है कि माया में सयंतनी के कुछ रंग हैं और कुछ तरीके हैं जिनसे माया सयंतनी को प्रेरित करती है. एक Actor के तौर पर आप हमेशा अपने निभाए किरदारों से कुछ न कुछ अपने साथ ले जाते हैं. वे आपको कुछ स्थितियों को अलग नजरिए से देखने पर मजबूर करते हैं और आपको ऐसे दृष्टिकोण तलाशने का मौका देते हैं जिनके बारे में आपने शायद सोचा भी न हो.”

–

एनएस/पीएम

Share