Skip to content
Sunday, 1 November 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
अन्य खेल,खेल

ओलंपिक क्वालिफिकेशन को लेकर 100 प्रतिशत आश्वस्त हूं, अंत में रक्षात्मक खेल की वजह से गोल्ड रह गया : काजल

ओलंपिक क्वालिफिकेशन को लेकर 100 प्रतिशत आश्वस्त हूं, अंत में रक्षात्मक खेल की वजह से गोल्ड रह गया : काजल

New Delhi, 1 नवंबर . कजाकिस्तान में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीतने के बाद India की उभरती हुई पहलवान काजल ढोचक ने कहा कि इस प्रदर्शन से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्हें पूरा यकीन है कि वह लॉस एंजिल्स में होने वाले 2028 के ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई कर लेंगी.

वर्ल्ड चैंपियनशिप के 76 किग्रा भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में 18 वर्षीय काजल का सामना यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पियेवा से हुआ, जो दो बार की यूरोपीय चैंपियन रह चुकी हैं. दो बार अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना डेब्यू कर रहीं काजल ने कड़ा मुकाबला किया, लेकिन वह 6-8 से हार गईं और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.

Sunday को मीडिया राउंडटेबल के दौरान के एक सवाल का जवाब देते हुए काजल ने कहा, “मेरा भार वर्ग ओलंपिक में शामिल है और अगले साल ओलंपिक क्वालिफिकेशन भी होने वाले हैं. मैंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में जिस तरह से अपने मुकाबले लड़े, उसे देखते हुए मुझे खुद पर 100 प्रतिशत भरोसा है कि मैं ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लूंगी. वर्ल्ड चैंपियनशिप में जिन पहलवानों के खिलाफ मैंने मुकाबला किया, उन्हें मैं पहले भी हरा चुकी हूं. फाइनल में जिसका सामना मैंने किया, उसे भी मैंने पहले हराया चुकी हूं, वह मेरे मुकाबले उतनी मजबूत नहीं थी.”

यूक्रेन की अल्पियेवा के खिलाफ फाइनल मैच को याद करते हुए काजल ने कहा कि उन्होंने मुकाबले में दो बार बढ़त हासिल की थी, लेकिन बाद में अंक गंवा दिए. उन्हें इस बात का अफसोस है कि मैच के आखिरी क्षणों में आक्रामक खेल दिखाने के बजाय उन्होंने रक्षात्मक रणनीति अपनाई.

दूसरे राउंड में स्कोर 2-2 से बराबर था और क्राइटेरिया के आधार पर मुकाबला बराबरी पर चल रहा था. इसी दौरान अल्पियेवा ने ‘डबल-लेग टेकडाउन’ किया. हालांकि, काजल ने तुरंत जवाब देते हुए यूक्रेनी पहलवान को गिराकर टेकडाउन हासिल किया. मगर, अल्पियेवा ने वापसी करते हुए एक और ‘डबल-लेग टेकडाउन’ किया और साथ ही 2 अंक भी हासिल कर लिए. 0:06 सेकंड बचे होने पर काजल ने एक ‘टेकडाउन’ के साथ चार अंकों की बढ़त हासिल की, जो बहुत अहम साबित हुई. हालांकि, जीत दिलाने वाला दांव लगाने की कोशिश में समय खत्म हो गया.

उन्होंने कहा, “स्कोर 4-4 था और मैं लगभग जीत ही रही थी. अगर मैं आखिरी पलों में रक्षात्मक होने के बजाय अटैकिंग खेलती, तो गोल्ड मेरा होता.” ओलंपिक चक्र को ध्यान में रखते हुए अपनी कमियों और उन तकनीकों के बारे में बात करते हुए जिन पर वह काम कर रही हैं, काजल ने कहा, “कोच ने कहा है कि हमें डिफेंस पर थोड़ा काम करना होगा. आखिरी पलों में हमें रक्षात्मक नहीं होना चाहिए, शुरुआत में हम जिस तरह अटैकिंग खेल दिखाते हैं, उसे अंत तक बनाए रखना जरूरी है. ये कुछ ऐसी कमियां हैं, जिन पर हमें काम करने की जरूरत है.”

जापान के आइची-नागोया में हुए एशियन गेम्स के ट्रायल में नाटकीय घटनाक्रम के बाद बाहर हो जाने के बाद विश्व चैंपियनशिप में जीता गया सिल्वर मेडल काजल के लिए एक बड़ी वापसी है. जेएसडब्ल्यू की एथलीट काजल ने उस पल को याद करते हुए कहा, “एशियन गेम्स के ट्रायल के फाइनल में जब कुछ ही सेकंड बचे थे, तो मुझे लगा कि मेरा चयन हो गया है. मैंने सोचा कि अब जाकर अपने अंकल को गले लगाऊंगी. मगर आखिरी पलों में मैच पूरी तरह पलट गया. मुझे यह समझने में कुछ समय लगा कि मैंने क्या खो दिया है. हर कोई इसके लिए कड़ी मेहनत करता है, यह इवेंट चार साल में सिर्फ एक बार आता है, लेकिन उसके बाद मैंने विश्व चैंपियनशिप के लिए ट्रेनिंग शुरू कर दी और अब मैंने यहां मेडल जीत लिया है.”

72 और 76 किलोग्राम भार वर्ग में दो बार विश्व अंडर-20 चैंपियन रह चुकीं काजल अभी रुकने के मूड में नहीं हैं. वह कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप के ट्रायल, सीनियर नेशनल चैंपियनशिप और प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही हैं. काजल ने कहा, “जब सब कुछ कुश्ती के लिए ही हो रहा है, तो ब्रेक लेने का क्या मतलब है? अब कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के ट्रायल आने वाले हैं, मैं उनमें हिस्सा लूंगी. इसके बाद सीनियर नेशनल चैंपियनशिप है, फिर पीडब्ल्यूएल है, और उसके बाद सीनियर एशियन रैंकिंग इवेंट्स शुरू हो जाएंगे.”

–

एसएम/एबीएम

Share