असम और मिजोरम में 46.25 करोड़ रुपए के ड्रग्स जब्त, पांच तस्कर गिरफ्तार

सिलचर/आइजोल, 1 नवंबर . असम और मिजोरम में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए असम राइफल्स ने दो अलग-अलग अभियानों में करीब 46.25 करोड़ रुपए मूल्य के ड्रग्स जब्त किए हैं. इस दौरान पांच ड्रग तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया.
दोनों अभियानों में कुल 27.813 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद की गईं. इन टैबलेटों को आमतौर पर याबा या पार्टी ड्रग कहा जाता है. याबा टैबलेट में मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है. इसे “क्रेजी ड्रग” के नाम से भी जाना जाता है. India में प्रतिबंधित यह नशीला पदार्थ म्यांमार से पूर्वोत्तर राज्यों में बड़े पैमाने पर तस्करी करके लाया जाता है.
रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिणी असम में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), सिलचर के साथ संयुक्त अभियान चलाकर असम राइफल्स ने कछार जिले के ढोलाई बाजार से लगभग 20 किलोग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन जब्त की, जिसकी कीमत करीब 40 करोड़ रुपए आंकी गई है.
यह बरामदगी क्षेत्र में क्रिस्टल मेथामफेटामाइन की सबसे बड़ी जब्तियों में से एक मानी जा रही है और इससे संगठित सिंथेटिक ड्रग तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.
खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने संदिग्ध खेप को रोककर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया. तलाशी के दौरान 20 पैकेट क्रिस्टल मेथामफेटामाइन बरामद हुई. इसके अलावा तीन मोबाइल फोन और दो वाहन भी जब्त किए गए.
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह खेप पड़ोसी राज्य मिजोरम से लाई गई थी और दक्षिणी असम के सिलचर को ट्रांजिट हब बनाकर देश के अन्य हिस्सों में पहुंचाई जानी थी.
गिरफ्तार तस्करों और जब्त सामान को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए डीआरआई, सिलचर को सौंप दिया गया है.
एक अन्य अभियान में असम राइफल्स ने मिजोरम के आइजोल जिले के रामथार नॉर्थ क्षेत्र से 7.813 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद कीं, जिनकी कीमत करीब 6.25 करोड़ रुपए बताई गई है. इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया.
बरामद नशीले पदार्थ और गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मिजोरम Police के हवाले कर दिया गया है. उनके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
असम राइफल्स ने कहा कि ये दोनों सफल अभियान मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं. साथ ही विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान की प्रभावशीलता को भी साबित करते हैं.
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एएमटी/एबीएम


