
पुणे, 3 Maharashtra . Maharashtra कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की जरूरत पर जोर देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि देश में होने वाले चुनाव फ्री एंड फेयर होने चाहिए. यदि चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की धांधली होती है तो यह बेहद गंभीर मामला है.
हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों की ओर से लिखी गई चिट्ठियों में सामने आई बातों की जांच की जरूरत है. इन पत्रों के जरिए जो बातें सामने आई हैं, उन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए. लंबे समय से राहुल गांधी वोट चोरी का मुद्दा उठाते रहे हैं और ऐसे में अब तत्काल प्रभाव से ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए. चुनाव देश के लोकतंत्र की बुनियाद हैं और चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है. उन्होंने पारदर्शिता के साथ चुनाव कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत है.
Maharashtra में परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर भी हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य Government को घेरा. उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं और यह बहुत बड़ी धांधली का विषय है. सच्चाई सामने आने के बावजूद Maharashtra Government इसमें सुधार के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने एमपीएससी को लेकर भी सवाल उठाए. सपकाल ने कहा कि एमपीएससी के अध्यक्ष को लेकर Government ने ऐसा फैसला किया है, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं. संबंधित व्यक्ति प्रदेश के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस के करीबी और पारिवारिक मित्र हैं.
सपकाल ने कहा कि उन्हें आशंका है कि एमपीएससी के माध्यम से आने वाले समय में चयन प्रक्रिया में चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने और भ्रष्टाचार की कोशिश हो सकती है. कांग्रेस किसी भी स्थिति में इसे सफल नहीं होने देगी.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं में जागरूकता बढ़ी है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं को लगातार उठाए जाने के बाद युवाओं के बीच एक नई चेतना देखने को मिल रही है. इसी क्रम में कांग्रेस स्थानीय संगठनों को समर्थन देने के लिए उनके साथ खड़ी है. उन्होंने युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है.
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पीएसके