
New Delhi, 6 अक्टूबर . अपनी कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को वनडे विश्व कप 2025 का चैंपियन बनाने वाली हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी छोड़ दी है. Tuesday को social media पर एक लंबे पोस्ट के माध्यम से हरमन ने टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया. बतौर खिलाड़ी वह उपलब्ध रहेंगी.
हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी छोड़ने का फैसला उपकप्तान स्मृति मंधाना, हेड कोच अमोल मजूमदार और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ हुई बैठक के बाद लिया. स्मृति मंधाना तीनों फॉर्मेट में हरमनप्रीत की जगह महिला टीम की नई कप्तान बन सकती हैं.
हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “आज, मैं सभी फॉर्मेट में इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ रही हूं. यह कोई आसान फैसला नहीं है. इसमें वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल हैं, जो मेरी बाकी जिंदगी मेरे साथ रहेंगे.”
उन्होंने लिखा, “मैंने इस टीम और इंडियन विमेंस क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया है — अपना खून, अपना पसीना, अपना समय, और कई बार, अपने खेल और पर्सनल एम्बिशन का एक हिस्सा. ऐसे पल भी आए, जब मुझे अपने निजी प्रदर्शन, अपना विकास और अपने लिए जो मैं चाहती थी, उसे एक तरफ रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम को पहले रखना चाहिए.”
हरमन ने लिखा, “एक कप्तान के तौर पर, मुझे मुश्किल फैसले लेने पड़े हैं. ऐसे फैसले जो हमेशा समझ में नहीं आते थे, हमेशा आसान नहीं होते थे, और कभी-कभी पर्सनल कीमत चुकानी पड़ती थी. लेकिन मैंने जो भी फैसला लिया, उसका मकसद—इस टीम को बेहतर बनाना और दूसरे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और खुद का बेस्ट वर्जन बनने का मौका देना था.”
दिग्गज खिलाड़ी ने लिखा, “मैंने सब कुछ देखा है. मैंने सबसे बुरे पल, दिल टूटना, बुराई, शक और वे दिन देखे हैं, जब कुछ भी हमारे हिसाब से नहीं होता था. और मैंने सबसे ऊँचे मुकाम भी देखे हैं—जीत, जश्न, अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व, और वे पल जब हर कुर्बानी सार्थक लगी. आज मैं भावनाओं से भरे दिल के साथ, लेकिन शांति के साथ कप्तानी छोड़ रही हूं.”
उन्होंने लिखा, “मुझे सच में विश्वास है कि मेरी टीम अच्छी जगह पर है. एक ऐसी टीम, जिसमें टैलेंट, कैरेक्टर, विश्वास और भविष्य है, जिसे देखने और जिसका हिस्सा बनने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूं. मुझे लगता है कि मैंने अपना फर्ज निभाया है. मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया. मैंने गर्व के साथ जिम्मेदारी निभाई, और मैं भारतीय महिला क्रिकेट को लीड करने के सौभाग्य के लिए हमेशा आभारी रहूंगी.”
हरमन ने कहा, “अब, मेरे लिए पन्ना पलटने का समय आ गया है. कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा.
हर साथी खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ, प्रबंधन, बीसीसीआई, परिवार के सदस्यों, हर एक फैन का शुक्रिया, जो मेरे साथ अच्छे और बुरे समय में खड़े रहे. खून. पसीना. सफाई. गर्व. मैंने सब कुछ दिया. अब, मैं फिर से खेल के प्यार के लिए खेलने के लिए तैयार हूं. कप्तानी खत्म. सफर जारी है.”
37 साल की हरमनप्रीत ने 2012 में अस्थायी तौर पर कप्तानी की थी. 2016 में वह पूर्णकालिक कप्तान बनीं. उनकी कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने अपना पहला आईसीसी इवेंट, वनडे विश्व कप 2025 जीता था. उन्होंने India को महिला टी20 एशिया कप, एशियन गेम्स में लगातार 2 बार गोल्ड और कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में सिल्वर मेडल जिताने में मदद की थी. 37 साल की हरमनप्रीत ने बतौर कप्तान भारतीय टीम को पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 में लीड किया.
–
पीएके