
न्यूयॉर्क, 6 अक्टूबर . तेहरान ने बहरीन और इलाके के दूसरे खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वे ईरान पर हमलों के लिए अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल न होने दें. ईरान के अनुसार अगर ऐसा दोबारा किया जाएगा तो जवाब देने से वो परहेज नहीं करेगा.
ईरान की Governmentी न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन के दूसरे सचिव, अली करीमी मघम ने Monday को संयुक्त राष्ट्र की तीसरी समिति के सामने बहरीन के प्रतिनिधि के बयानों का जवाब देते हुए ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि बहरीन घटनाओं से जुड़े हालात को नजरअंदाज करते हुए मानवाधिकारों की बात कर रहा था.
करीमी मघम ने कहा कि बहरीन कभी भी ईरानी हमलों का सीधा शिकार नहीं रहा; हालांकि, उसने ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ देते हुए अपनी जमीन, बेस और हवाई क्षेत्र उपलब्ध कराए थे, जिसके बाद आत्मरक्षा के अधिकार के तहत ईरान ने जवाबी कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि जो देश अपने पड़ोसी के खिलाफ जंग के लिए अपनी जमीन देता है, उसे नतीजों के लिए तैयार रहना चाहिए. भविष्य में अगर उसे जवाब दिया जाता है तो हैरान नहीं होना चाहिए.
करीमी मघम ने कहा कि बहरीन पीड़ित नहीं है, क्योंकि उसने ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका के गैर-कानूनी युद्ध के लिए अपनी ज़मीन, बेस और हवाई क्षेत्र उपलब्ध कराए थे. उन्होंने कहा कि जो देश अपने पड़ोसी के ख़िलाफ़ गैर-कानूनी युद्ध के लिए अपनी ज़मीन देता है, वह इसके नतीजों पर हैरानी नहीं जता सकता.
ईरानी प्रतिनिधि ने जोर देकर कहा कि ईरान ने हमला शुरू नहीं किया था, बल्कि उस पर हमला हुआ था. उन्होंने तेहरान की जवाबी कार्रवाई को अपने जायज़ और स्वाभाविक अधिकार का इस्तेमाल बताया.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इलाके के किसी देश की जमीन का इस्तेमाल दोबारा ईरान पर हमले के लिए किया गया, तो जवाब दिया जाएगा.
बहरीन के प्रतिनिधि को संबोधित करते हुए करीमी मघम ने कहा कि इस क्षेत्र के सामने दो विकल्प हैं: मिलकर पूरे इलाके को सुरक्षित बनाना या असुरक्षित रहना. उन्होंने कहा कि बहरीन ने पहले दूसरे विकल्प को चुना था, और चेतावनी दी कि अगर वही विकल्प दोबारा चुना जाता है, तो वैसे ही नतीजे की उम्मीद नहीं करनी चाहिए जैसे पिछली बार की गई, इस बार जवाब दिया जाएगा.
दरअसल, बहरीन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को लेकर तेहरान सहज नहीं है. जून और जुलाई 2026 में भी ईरान ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था. अंतरराष्ट्रीय मीडिया और बहरीन की सैन्य रिपोर्ट्स में बताया गया कि ईरान ने बहरीन की राजधानी मनामा और वहां स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर हमला किया था.
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केआर/