स्मृति मंधाना का पूर्णकालिक कप्तान के रूप में होगा सफर का आगाज, कहा-नए मानक स्थापित करना लक्ष्य

New Delhi, 16 अक्टूबर . भारतीय महिला क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे के बीच शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर में तीन टी20 मैचों की सीरीज का पहला मैच Friday की शाम को 7 बजे से खेला जाना है. इस मैच से स्मृति मंधाना भारतीय महिला टीम के पूर्णकालिक कप्तान के रूप में अपने सफर का आगाज करेंगी.
कप्तान बनने के बाद अपने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंधाना ने लीडरशिप में बदलाव के बारे में बात करते हुए कहा, “हमारी सोच अगले दो-तीन साल में भारतीय क्रिकेट को आगे कैसे बढ़ाएं, इस पर केंद्रीत है. हमारे पास बहुत सारे बड़े टूर्नामेंट आने वाले हैं.”
मंधाना इस बात को पूरी तरह नकारती हैं कि यह भारतीय क्रिकेट का नया दौर है. पिछले 10 साल से उपकप्तान रहते हुए वह नेतृत्व के काफी करीब रही हैं और पूर्व में कई मौकों पर भारतीय टीम को लीड कर चुकी हैं. उनका मानना है कि टीम को आगे ले जाने के लिए निरंतरता जरूरी होगी.
उन्होंने कहा कि पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर की ड्रेसिंग रूम में अब भी अहम भूमिका होगी. उनका अनुभव टीम के लिए बेहद जरूरी होगा और कप्तानी के दबाव से मुक्त होने के बाद वह बल्ले से और ज्यादा खतरनाक बनकर उभर सकती हैं.
अपनी कप्तानी शैली पर मंधाना ने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगी कि यह पूरी तरह से नया है, लेकिन यह निश्चित रूप से आगे देखने लायक है. उम्मीद है, मैं इस रोल के साथ न्याय कर पाऊंगी.”
यह सीरीज टीम इंडिया के लिए अपने कॉम्बिनेशन को परखने का भी मौका है. सबसे बड़ा सवाल नंबर 3 पर बल्लेबाजी का है. जेमिमा रोड्रिग्स चोट के कारण बाहर हैं, जिससे एक जगह खाली हुई है. मंधाना ने इस पोजीशन के लिए युवा खिलाड़ियों को विकल्प के तौर पर देखा है.
मंधाना ने कहा, “जेमिमा पिछले दो महीनों से चोटिल हैं. हमारे पास अनुष्का शर्मा और निकी प्रसाद के रूप में कुछ रोमांचक खिलाड़ी हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में बहुत अच्छा किया है. और बेशक कमलिनी हैं, जिन्होंने एशियन गेम्स में नंबर 3 पर बैटिंग की थी. इसलिए हमारे पास बहुत सारे विकल्प हैं.”
भारतीय कप्तान का फोकस फिलहाल टीम के लिए नए मानक स्थापित करने पर है. उन्होंने माना कि खासकर टी20 फॉर्मेट में अभी सुधार की गुंजाइश है.
उपकप्तान शेफाली वर्मा ने कहा, “हमें टी20 में बिना डरे क्रिकेट खेलने की जरूरत है, साथ ही स्मार्ट भी होना चाहिए. हमने इस पर बात की है.”
यह सीरीज दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले कॉम्बिनेशन को दुरुस्त करने का आखिरी मौका भी है. जिम्बाब्वे के साथ India की यह पहली भिड़ंत भले ही किसी बड़ी प्रतिद्वंद्विता वाली न हो, लेकिन दोनों टीमों के लिए यह भविष्य की दिशा तय करने वाली सीरीज साबित हो सकती है.
भारत-जिम्बाब्वे सीरीज इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि भारतीय टीम पहली बार जिम्बाब्वे का सामना करने वाली है. जिम्बाब्वे इस दौरे पर 3 टी20 और 3 वनडे खेलेगी.
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पीएके


