सूखे की चपेट में कर्नाटक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

New Delhi, 3 अक्टूबर . कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने Saturday को बताया कि उन्होंने कर्नाटक में ‘गंभीर’ सूखे को लेकर Prime Minister Narendra Modi और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है और उनसे इस मामले में व्यक्तिगत और तत्काल दखल देने का आग्रह किया है.

1 अक्टूबर को लिखा गया पत्र Saturday को ‘एक्स’ पर साझा करते हुए खड़गे ने कहा, “राज्य हाल के वर्षों में सबसे गंभीर सूखे की स्थितियों में से एक का सामना कर रहा है, सितंबर तक 58 प्रतिशत वर्षा की कमी, व्यापक फसल नुकसान और लाखों किसान परिवारों के लिए गंभीर संकट है.”

उन्होंने बताया कि कर्नाटक ने 18,748.23 करोड़ रुपए के अनुमानित नुकसान के बदले स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड (एसडीआरएफ) और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड (एनडीआरएफ) के तहत 3,705.30 करोड़ रुपए की सहायता मांगी है.

कांग्रेस प्रमुख ने इस स्थिति के बारे में Prime Minister से की गई मांगों को भी शेयर किया, जिसमें सूखे की घोषणा करने, किसानों की सुरक्षा के लिए तुरंत आकलन करने और पीने के पानी की सुरक्षा के लिए मदद देने का आग्रह किया गया.

खड़गे ने कहा, “बिना किसी देरी के एक केंद्रीय टीम को विशेष रूप से कल्याणा कर्नाटक का दौरा करने और जमीनी स्तर पर सूखे से हुए नुकसान की जांच करने के लिए भेजा जाना चाहिए.”

3,705.30 करोड़ रुपए जारी करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा, “बिना किसी मनमानी कटौती के एनडीआरएफ और एसडीआरएफ नियमों के तहत कर्नाटक द्वारा मांगी गई पूरी राशि को मंजूरी दें और जारी करें.”

उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों की सुरक्षा की भी मांग की और कहा, “इनपुट सब्सिडी की गणना 2015-16 की पुरानी कृषि जनगणना के बजाय कर्नाटक के अपडेटेड ‘भूमि’ जमीन रिकॉर्ड के आधार पर करें, ताकि कोई भी पात्र किसान छूट न जाए.”

खड़गे ने कहा, “अभी ‘ग्राउंड ट्रूथिंग’ (जमीनी हकीकत की जांच) से गुजर रहे 11 अतिरिक्त तालुकों और आगे योग्य पाए जाने वाले किसी भी अन्य तालुक को केंद्रीय सहायता के लिए एक ही निरंतर सूखा घटना के हिस्से के रूप में माना जाए.”

कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र से पीने के पानी की सुरक्षा और वैकल्पिक बिजली की लागत के लिए ज्यादा मदद देने का भी आग्रह किया, “खासकर कावेरी और पनबिजली (हाइडल) कैचमेंट क्षेत्रों में जलाशयों के ऐतिहासिक रूप से कम स्तर को देखते हुए.”

उन्होंने Government से यह भी मांग की कि वह कर्नाटक को ‘निष्पक्ष और तत्काल सहायता’ सुनिश्चित करे.

खड़गे ने कहा, “Political विचारों से प्रभावित हुए बिना, राज्य भर के 31 लाख से ज्यादा किसान परिवारों के सामने मौजूद संकट के पैमाने को ध्यान में रखते हुए, योग्यता के आधार पर और पूरी तत्परता के साथ कर्नाटक को सहायता जारी करें.”

उन्होंने कहा, “सूखे से राहत पहुंचाना एक मानवीय जरूरत है और इसे केंद्र तथा राज्य के बीच Political मतभेदों से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए. मुझे उम्मीद है कि India Government तेजी और संवेदनशीलता के साथ काम करेगी और कर्नाटक को समय पर मदद पहुंचाएगी, ताकि लाखों प्रभावित नागरिकों को बहुत जरूरी भोजन, चारा, पानी और आजीविका की सुरक्षा मिल सके.”

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एससीएच/एएस

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