सीजेपी की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा पर सियासी घमासान, एनडीए नेताओं ने उठाए सवाल

New Delhi, 15 अक्टूबर . कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा 16 अक्टूबर को दिल्ली के सेंट्रल पार्क से तिरंगा यात्रा निकालने को लेकर Political प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं. एनडीए के नेताओं ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया लेकिन इसके पीछे के एजेंडे पर सवाल उठाए हैं.

बेतिया से BJP MP संजय जायसवाल ने कहा कि तिरंगा यात्रा अच्छी बात है और सभी को India और उसके राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा, “लोगों को भारत, उसके नागरिकों और देश की शांतिपूर्ण प्रगति का सम्मान करना चाहिए. किसी को भी विदेशी ताकतों के एजेंडे पर काम नहीं करना चाहिए.”

उन्होंने एसआईआर के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा, “अब तक कोई भी एसआईआर में एक भी गलती नहीं निकाल पाया है. India के चुनाव आयोग ने उन सभी सवालों और आरोपों का जवाब दे दिया है, जो लगाए जा रहे थे. लेकिन जानबूझकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है.”

Patna में मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है. उन्होंने कहा, “सीजेपी विरोध का रास्ता अपनाने और जनता के सामने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए तिरंगा यात्रा का इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र है. यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है.”

हालांकि, उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर सख्त हिदायत भी दी. राम कृपाल यादव ने कहा, “राष्ट्रीय ध्वज का अपमान नहीं होना चाहिए. इसके इस्तेमाल को लेकर कई कानून और नियम हैं. जो कोई भी राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलेगा, उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका पूरा सम्मान किया जाए और इस पर नजर रखी जाएगी.”

वहीं, Mumbai में शिवसेना नेता शायना एनसी ने सीजेपी के इस कदम पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, “तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं है लेकिन आपके एजेंडे पर सवाल जरूर उठेंगे. लोग जानना चाहेंगे कि आप एक के बाद एक कितने विरोध प्रदर्शन करेंगे?”

शायना एनसी ने कहा, “यह कोई जोमैटो ऐप नहीं है, जहां आप रोज तय करें कि आज जंतर-मंतर पर विरोध करेंगे, आज President भवन के बाहर विरोध करेंगे और कल तिरंगा यात्रा निकालेंगे. इसलिए लोग अब समझ गए हैं कि आप किस हद तक यह ड्रामा और नौटंकी कर रहे हैं.”

उधर, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा, “सभी को अधिकार है कि वह अपना कार्यक्रम कर सकता है, यह लोकतंत्र में सबको मिला हुआ अधिकार है. अगर उस कार्यक्रम से शांति भंग होती है, कानून-व्यवस्था में बाधा आती है, तो Government के पास भी कार्रवाई करने का अधिकार है.”

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पीआईएम/पीएम

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