Skip to content
Wednesday, 21 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
राजनीति,राष्ट्रीय

सीएम विजय पर अभद्र टिप्पणी का मामला, मंत्री कीर्तना ने डीएमके की महिला पदाधिकारी के बयान को बताया शर्मनाक

सीएम विजय पर अभद्र टिप्पणी का मामला, मंत्री कीर्तना ने डीएमके की महिला पदाधिकारी के बयान को बताया शर्मनाक

चेन्नई, 19 अक्टूबर . तमिलनाडु की मंत्री कीर्तना ने Chief Minister सी. जोसेफ विजय के खिलाफ डीएमके महिला विंग की एक पदाधिकारी द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है.

उन्होंने सांसद कनिमोझी और चेन्नई की मेयर प्रिया राजन पर सवाल उठाया है कि चेन्नई में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में दिए गए भाषण के दौरान उन्होंने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया?

social media पर जारी एक बयान में, कीर्तना ने विपक्षी पार्टी पर आरोप लगाया कि वह लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए Chief Minister के खिलाफ व्यक्तिगत हमलों को बर्दाश्त कर रही हैं.

उन्होंने मंच पर बैठीं कनिमोझी और प्रिया से पूछा कि क्या वे इन टिप्पणियों की सार्वजनिक रूप से निंदा करेंगी या चुप रहेंगी?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब भाषण के वीडियो क्लिप social media पर तेजी से फैल गए, जिसके बाद ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) के समर्थकों ने विरोध जताया.

महिला ने कथित तौर पर विजय के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और उनकी Government पर चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया.

रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने Chief Minister को बार-बार ‘कुत्ता’ कहा और आरोप लगाया कि टीवीके प्रशासन केवल उन्हीं सब्सिडी योजनाओं को जारी रख रहा है, जिन्हें एमके. स्टालिन के नेतृत्व वाली पिछली Government ने शुरू किया था.

टीवीके कार्यकर्ताओं ने वक्ता और मंच पर मौजूद अन्य लोगों के खिलाफ Police कार्रवाई की मांग की. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस तरह की टिप्पणियों को होने देना, डीएमके द्वारा प्रचारित ‘प्रगतिशील Political मूल्यों’ के अनुरूप है.

कीर्तना ने आरोप लगाया कि भाषण के दौरान प्रिया हंस रही थीं, जबकि कनिमोझी चुपचाप बैठी रहीं और उन्होंने कोई आपत्ति तक नहीं जताई. हालांकि, कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि इन टिप्पणियों के दौरान कनिमोझी असहज दिख रही थीं.

मंत्री ने कहा कि चुनावी हार की हताशा किसी चुने हुए Chief Minister का अपमान करने या सार्वजनिक मंच से ऐसे हमलों का आनंद लेने को सही नहीं ठहरा सकती. उन्होंने तर्क दिया कि Political नेताओं की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक बातचीत के स्तर को बनाए रखें.

–

एससीएच/एबीएम

Share