
New Delhi, 15 सितंबर . बिहार में बाढ़ की समस्या पर बात करते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस बार Chief Minister सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बाढ़ का बेहतरीन प्रबंधन किया है. चाहे वह नेपाल के बाढ़ का प्रभाव हो, गंगा के बाढ़ का प्रबंधन हो या पुनपुन नदी का प्रबंधन हो, Government ने बहुत मुस्तैदी के साथ काम किया है. Government आपदा में एक-एक व्यक्ति की मदद के लिए खड़ी है. साथ ही कांग्रेस पर तीखा हमला भी बोला.
दिलीप जायसवाल ने से बात करते हुए कहा कि बाढ़ की समस्या बिहार में तीन तरह से आती है. पहला कारण नेपाल के तराई और पहाड़ी इलाके से जुड़ा है. जब नेपाल में आपदा या भारी वर्षा होती है तो वहां का पानी बिहार के अंदर आ जाता है. दूसरा कारण पुनपुन और बूढ़ी गंडक नदी का बाढ़ है. तीसरा कारण गंगा नदी का उफान है.
उन्होंने कहा कि जब गंगा में उफान आता है तो बाढ़ का प्रवाह तेज हो जाता है. अभी की स्थिति में जो निचला इलाका है, उसको लेकर Chief Minister नीतीश कुमार के समय से ही यह सवाल उठाया जा रहा है कि कांग्रेस के जमाने में फरक्का को लेकर जो जल संधि हुई थी, वह उचित नहीं थी. जब गंगा में बाढ़ का पानी आता है तो भागलपुर और पीरपैंती जाते-जाते वह 17-18 किलोमीटर तक फैल जाता है. हालांकि प्रदेश की वर्तमान Government इस बाढ़ की स्थिति में लोगों को राहत देने का काम कर रही है.
उन्होंने केंद्र Government की कोसी-मेची लिंक परियोजना का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि केंद्र Government ने इस परियोजना के लिए 11 हजार करोड़ रुपये बिहार को दिए हैं. इससे मिथिलांचल और सीमांचल के इलाके में कोसी, मेची, महानंदा और तीस्ता नदियों के पानी का बेहतर प्रबंधन होगा. करीब दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पानी को बैंक में जमा करके सिंचाई में उपयोग किया जाएगा और बाढ़ का भी बेहतर प्रबंधन हो सकेगा.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की जरूरत दोहराए जाने पर दिलीप जायसवाल ने उनका समर्थन किया. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यूसीसी देश की जरूरत होगी. विकसित India का सपना तभी पूरा हो पाएगा जब देश में यूसीसी लागू होगा. यूसीसी समान अधिकार देता है.
इस मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम ही Government का विरोध करना रह गया है. विपक्ष अपनी जिम्मेदारी भूल चुका है. उसकी जिम्मेदारी लोगों की सेवा करना और लोगों के बीच जाना है, लेकिन विपक्ष दिल्ली या प्रदेश की राजधानी में बैठकर बयानबाजी करता है.
उन्होंने कहा कि विपक्ष को बाढ़ में पानी में जाकर लोगों से मिलना चाहिए, गरीबों की सेवा करनी चाहिए, गरीबों के इलाज में मदद करनी चाहिए, लेकिन विपक्ष यह सब काम नहीं करता.
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पीआईएम/पीएम