सहारनपुर मस्जिद पर कार्रवाई अदालत के आदेश पर, अखिलेश कर रहे तुष्टिकरण की राजनीति: नरेंद्र कश्यप

Lucknow, 7 सितंबर . उत्तर प्रदेश के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सहारनपुर में मस्जिद के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर Samajwadi Party के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सवालों पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि संबंधित कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया और अदालत के आदेश के बाद की गई. कश्यप ने अखिलेश यादव की पीडीए और सामाजिक न्याय की राजनीति पर भी निशाना साधा. इसके अलावा, उन्होंने भाजपा के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े पर अखिलेश यादव की टिप्पणी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ‘प्रेम फैलाने’ वाले बयान और उत्तराखंड में अवैध मदरसों पर कार्रवाई को लेकर भी प्रतिक्रिया दी.

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि अखिलेश यादव को सहारनपुर में मस्जिद की कार्रवाई पर सवाल उठाने से पहले उस स्थान की स्थिति और कार्रवाई के बाद सामने आई बातों को भी देखना चाहिए. जिस जगह मस्जिद बनी थी, वहां कुआं मिला है और कुएं को भरकर वहां मस्जिद का निर्माण किया गया था. यदि निर्माण जबरन किया गया था और अदालत के आदेश के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई हुई, तो इसे लेकर सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए. उन्होंने अखिलेश यादव पर ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी नीति उत्तर प्रदेश और देश के लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है.

अखिलेश यादव की तस्वीर वाले एक पोस्टर और उसमें मुजफ्फरनगर दंगों के संदर्भ का जिक्र करते हुए कश्यप ने 2013 की हिंसा को याद किया. उन्होंने अखिलेश यादव के तत्कालीन शासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके पांच साल के कार्यकाल में बड़ी संख्या में दंगे हुए और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों को नुकसान पहुंचा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता आज भी उस दौर को याद करती है. 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता अखिलेश यादव को जवाब देगी और भाजपा-एनडीए को दोबारा सत्ता में लाएगी.

अखिलेश यादव के ‘पीडीए राज’ और सामाजिक न्याय स्थापित करने के दावे पर कश्यप ने कहा कि सामाजिक न्याय की बात अखिलेश यादव को शोभा नहीं देती. उन्होंने कहा कि Samajwadi Party की सामाजिक न्याय की राजनीति मुख्य रूप से यादव और मुस्लिम समुदाय तक सीमित रही है. सपा Government के दौरान जातीय जनगणना को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ. साथ ही, पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों को आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिला. आरक्षण का लाभ एक सीमित सामाजिक वर्ग के आसपास केंद्रित रहा, जिस पार्टी पर उन्होंने सामाजिक अन्याय करने का आरोप लगाया, उससे प्रदेश की जनता सामाजिक न्याय की उम्मीद नहीं करती.

भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े पर अखिलेश यादव की टिप्पणी के सवाल पर कश्यप ने सपा की पिछली Governmentों को निशाने पर लिया. सपा Government के दौरान भ्रष्टाचार, बंदरबांट और Governmentी जमीन पर कब्जे जैसी गतिविधियां होती थीं. कश्यप ने सपा Governmentों पर लोगों की संपत्ति और Governmentी जमीन पर कब्जे के आरोप भी लगाए. इन्हीं कथित गतिविधियों के संदर्भ में तावड़े द्वारा Samajwadi Party की परिभाषा बताना उन्हें उचित लगता है.

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के आरएसएस द्वारा नफरत के बजाय ‘शुद्ध सात्विक प्रेम’ फैलाने संबंधी बयान पर कश्यप ने उनका समर्थन किया. उन्होंने कहा कि आरएसएस राष्ट्र के सम्मान और गौरव के लिए काम करने वाला संगठन है. मोहन भागवत संगठन के विचारों और India की सकारात्मक छवि को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं. आरएसएस का उद्देश्य राष्ट्र के सम्मान और India माता के गौरव को बढ़ाना है और मोहन भागवत विदेशों में भी इस विचार को लोगों तक पहुंचा रहे हैं.

उत्तराखंड में कथित अवैध मदरसों पर कार्रवाई और करीब 200 मदरसों के Government के रडार पर होने के सवाल पर कश्यप ने राज्य Government के कदम का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों में बच्चों की शिक्षा और भविष्य से समझौता हो रहा है, वहां कार्रवाई जरूरी है. हालांकि उन्होंने मदरसों के एक हिस्से पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कुछ जगहों पर शिक्षा के बजाय बच्चों को कट्टर धार्मिक विचारों से जोड़ने और कथित तौर पर आतंकवाद की ओर ले जाने की कोशिश होती है.

कश्यप ने आगे कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का उद्देश्य बच्चों को बेहतर भविष्य देना होना चाहिए. यदि किसी संस्थान में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है या नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो उस पर कार्रवाई करना Government की जिम्मेदारी है.

पीएसके

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