
हैदराबाद, 7 सितंबर . India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) टाटा मधुसूदन ने तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र या अपमानजनक टिप्पणी करने से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया और ऐसे शब्द उनसे जोड़े गए जो उन्होंने कभी नहीं कहे.
एमएलसी ने यह सफाई उस समय दी जब विधानसभा ने उनकी कथित टिप्पणी की निंदा की और Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी समेत कई मंत्रियों ने उन्हें सदन से निष्कासित करने की मांग की.
यह विवाद उस समय खड़ा हुआ जब बीआरएस के विधायक और एमएलसी नारे लिखी काली टी-शर्ट पहनकर विधानसभा पहुंच रहे थे. Police ने उन्हें विधानसभा परिसर के प्रवेश द्वार पर रोक दिया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन हुआ.
टाटा मधुसूदन ने कहा कि यदि उनके किसी बयान को विधानसभा अध्यक्ष के लिए कहा गया समझा गया है, तो वह उन टिप्पणियों को वापस लेते हैं और इसके लिए खेद भी व्यक्त करते हैं.
उन्होंने कहा, “मैं विधानसभा अध्यक्ष के पद का पूरा सम्मान करता हूं. मैंने उनके खिलाफ एक भी शब्द नहीं कहा.”
एमएलसी ने आरोप लगाया कि विधानसभा परिसर में प्रवेश के दौरान बीआरएस विधायकों और एमएलसी के साथ Police ने दुर्व्यवहार किया. उनका दावा है कि Policeकर्मियों ने उनके पेट में कई बार मुक्के मारे.
उन्होंने कहा, “पेट में मुक्के मारने के बावजूद मैंने कुछ नहीं कहा. बाद में असहिष्णुता के कारण मेरे नाम पर ऐसे शब्द थोप दिए गए जो मैंने कभी नहीं बोले.”
टाटा मधुसूदन (जिन्हें टाटा मधु के नाम से भी जाना जाता है) ने आरोप लगाया कि जनता द्वारा चुने गए बीआरएस विधायकों के साथ Police ने मारपीट की. उन्होंने कहा कि महिला विधायकों को भी नहीं छोड़ा गया.
उन्होंने Chief Minister रेवंत रेड्डी से इस घटना के लिए माफी मांगने की मांग की.
एमएलसी ने आरोप लगाया कि Police ने महिला विधायकों के कपड़े खींचे, उनके बाल पकड़े और उनके साथ दुर्व्यवहार किया, जो एक सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है. उन्होंने दावा किया कि Police ने वरिष्ठ नेताओं यादवा रेड्डी, जगदीश रेड्डी, हरीश राव, केटीआर और डॉ. संजय के साथ भी धक्का-मुक्की की और उन्हें घसीटा.
उन्होंने इन घटनाओं में शामिल Policeकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि वह Tuesday को विधान परिषद में इस पूरे मुद्दे को विस्तार से उठाएंगे.
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एएमटी/डीकेपी