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Tuesday, 27 October 2026
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सर्दियों में उत्तराखंड में घूमने के लिए क्या हैं सबसे अच्छी जगहें, जानिए यहां तक कैसे पहुंचे?

सर्दियों में उत्तराखंड में घूमने के लिए क्या हैं सबसे अच्छी जगहें, जानिए यहां तक कैसे पहुंचे?

New Delhi, 25 अक्टूबर . अगर सर्दियों के मौसम में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो उत्तराखंड एक बेहतर विकल्प है. उत्तराखंड में ऐसी कई जगह हैं, जहां आप घूम सकते हैं. खासकर दिसंबर महीना उत्तराखंड घूमने के लिए सबसे जादुई महीनों में से एक है, जो बर्फीले पहाड़, सुंदर हिल स्टेशन, सुहावना सर्दियों का मौसम और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है.

उत्तराखंड में मसूरी को एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन बनाने वाली कई चीजें हैं. केबल कार की सवारी, केम्प्टी जलप्रपात, लैंडौर बाजार और मॉल रोड लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं. बर्फबारी का आनंद लेने के लिए दिसंबर मध्य से फरवरी मध्य के बीच यहां आ सकते हैं. मॉल रोड पर टहलना और जयपी रिज़ॉर्ट के आइस रिंक में आइस स्केटिंग का मजा लेना सर्दियों में सबसे लोकप्रिय गतिविधियों में से हैं. देहरादून से 38 किलोमीटर दूर मसूरी अपनी हरी पहाड़ियों और विविध वनस्पतियों और जीवों के साथ, एक आकर्षक हिल स्टेशन है. यह उत्तर-पूर्व में हिमालयी बर्फ पर्वतमाला और दून वैली का एक अद्भुत नजारा पेश करता है. मसूरी “गंगोत्री” और “यमुनोत्री” मंदिरों के लिए एक गेटवे भी है. मसूरी दिल्ली से लगभग 273 किमी दूर है. देहरादून में जॉलीग्रैंट हवाई अड्डा मसूरी के निकट है. वहीं, देहरादून रेलवे स्टेशन लगभग 36 किमी दूर है.

शांति का अनुभव करने, प्रकृति से फिर से जुड़ने और आध्यात्मिकता की गहराई को जानने के लिए सर्दियों में ऋषिकेश एक स्वर्ग के समान है. हिमालय की भव्य तलहटी में बसा यह शांत शहर रोमांच और आंतरिक शांति की तलाश करने वाले यात्रियों को आकर्षित करता है. योग रिट्रीट से लेकर रोमांचक नदी यात्राओं तक, सर्दियों में ऋषिकेश अविस्मरणीय अनुभवों से भरपूर एक खूबसूरत जगह में बदल जाता है.

ऋषिकेश में गंगा नदी धीरे-धीरे बहती है, जो किसी पोस्टकार्ड की तस्वीर जैसी मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करती है. सर्दियों की हल्की धूप नदी के किनारों पर सुनहरी चमक बिखेरती है, जिससे प्राकृतिक सुंदरता और भी बढ़ जाती है. ताजी हवा, धुंध भरी सुबह और बर्फ से ढकी चोटियों के मनोरम दृश्य इसे फोटोग्राफरों, प्रकृति प्रेमियों और ध्यान के शौकीनों के लिए आदर्श स्थान बनाते हैं. विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में गंगा की बर्फीली धाराओं में राफ्टिंग का आनंद ले सकते हैं.

दिल्ली से ऋषिकेश लगभग 239 किलोमीटर है. ऋषिकेश ट्रेन, बस, टैक्सी या हवाई मार्ग का विकल्प चुन सकते हैं. ऋषिकेश का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है, जो 20–25 किलोमीटर दूर देहरादून में स्थित है.

इसी तरह पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित लैंसडाउन भी सर्दियों में घूमने के लिए अच्छी जगह है. लैंसडाउन एक सुंदर और शांत हिल स्टेशन है. लैंसडाउन में बर्फबारी आमतौर पर दिसंबर से फरवरी के बीच सर्दियों के मौसम में होती है. दिल्ली से लैंसडाउन की दूरी लगभग 250-270 किलोमीटर है. दिल्ली से कोटद्वार होते हुए यहां सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है. देहरादून हवाई अड्डा और कोटद्वार रेलवे स्टेशन नजदीक है.

नैनीताल उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय शीतकालीन पर्यटन स्थलों में से एक है. सर्दियों के दौरान, झील, आसपास की पहाड़ियां और बर्फ से ढके परिदृश्य एक जादुई वातावरण बनाते हैं. ठंडा मौसम, धुंध भरी सुबह और झील के सुंदर दृश्य इसे परिवारों और जोड़ों के लिए एक आदर्श स्थान बनाते हैं. दिल्ली से नैनीताल की दूरी करीब 286 से 300 किलोमीटर है और यहां पहुंचने के लिए ट्रेन, बस और कार, टैक्सी के बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं. नैनीताल में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है लेकिन दिल्ली से काठगोदाम होते हुए ट्रेन से नैनीताल जा सकते हैं. काठगोदाम रेलवे स्टेशन नैनीताल से 25-30 किलोमीटर दूर है. नैनीताल का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा पंतनगर है, जो नैनीताल से लगभग 65 किलोमीटर दूर है.

भीमताल नैनीताल के पास स्थित एक खूबसूरत जगह है. यहां भीड़ कम होती है और प्रकृति की गोद में सुकून पाने के इच्छुक यात्रियों को शांतिपूर्ण वातावरण मिलता है. शांत झील, सुहावना मौसम और मनमोहक प्राकृतिक दृश्य भीमताल को सर्दियों में घूमने के लिए एक आदर्श स्थान बनाते हैं. भीमताल से नैनीताल की दूरी लगभग 22 से 25 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से यहां पहुंचने में करीब 1 से 1.5 घंटे का समय लगता है.

कौसानी हिमालय की चोटियों के मनमोहक दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है. सर्दियों में बर्फ से ढके पहाड़ एक अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करते हैं. यहां अनाशक्ति आश्रम, रुद्रधारी जलप्रपात, चाय बागान और बैजनाथ मंदिर देख सकते हैं. कौसानी से नैनीताल की दूरी लगभग 118 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से यहाँ पहुँचने में करीब 4 से 4.5 घंटे लगते हैं.

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क घूमने के लिए सर्दियों का मौसम सबसे अच्छा माना जाता है. सुहावना मौसम सफारी के दौरान वन्यजीवों को देखने की संभावना को बढ़ा देता है. जंगल, नदियां और वन्यजीव कॉर्बेट को परिवारों और रोमांच पसंद करने वालों के लिए एक शानदार गंतव्य बनाते हैं. दिल्ली से जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (रामनगर) लगभग 255-260 किलोमीटर दूर है. यहां बस, टैक्सी और ट्रेन से जाया जा सकता है. नजदीकी रेलवे स्टेशन रामनगर रेलवे स्टेशन है, जो पार्क से लगभग 3 किलोमीटर दूर है. सबसे नजदीकी घरेलू हवाई अड्डा पंतनगर एयरपोर्ट है, जो रामनगर से लगभग 65-84 किलोमीटर दूर है.

चमोली जिले में औली India के सबसे बेहतरीन स्कीइंग स्थलों में से एक है. अगर आपको बर्फ के खेल पसंद हैं, तो यह आपके लिए एकदम सही जगह है. सर्दियों में यहां भारी बर्फबारी होती है और यह एक लोकप्रिय स्कीइंग स्थल बन जाता है. बर्फ से ढका हुआ नजारा किसी पोस्टकार्ड के दृश्य जैसा लगता है. इसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ और India की स्की राजधानी भी कहा जाता है. दिल्ली से औली की दूरी लगभग 500 से 520 किलोमीटर है. आप यहां सड़क, ट्रेन या हवाई मार्ग से यात्रा कर सकते हैं.

रुद्रप्रयाग जिले में गढ़वाल हिमालय क्षेत्र में स्थित चोपता गांव प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए पसंदीदा शीतकालीन स्थलों में से एक बनता जा रहा है. सर्दियों में पूरा क्षेत्र बर्फ से ढक जाता है. शांत वातावरण और मनमोहक पर्वतीय दृश्य इसे एक आदर्श अवकाश स्थल बनाते हैं. यह भगवान श्री तुंगनाथ के मंदिर का प्रारंभिक स्थान है. यहीं से तुंगनाथ की चढ़ाई प्रारंभ होती है, जो लगभग 13500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. चोपता का तापमान ठंड के मौसम में शून्य से नीचे चला जाता है. अपनी सदाबहार और अछूती सुंदरता के कारण चोपता को उत्तराखंड का ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ भी कहा जाता है. दिल्ली से चोपता की दूरी करीब 400 से 450 किलोमीटर है. सड़क मार्ग से यह यात्रा लगभग 9 से 12 घंटे में पूरी होती है. बस, ट्रेन या निजी वाहन से यहां जा सकते हैं. चोपता का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है, जो लगभग 200 से 209 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

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ओपी/पीएम

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