इंदौर में ठगी के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 11 आरोपी चिह्नित, दो गिरफ्तार

Bhopal , 27 अक्टूबर (आईएएमएस). Madhya Pradesh के इंदौर शहर में ठगी के मामले में Police ने कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को चिन्हित किया है. इस मामले में Police ने अब तक दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचना दिलीप पांडेय और शुभम शर्मा के रूप में हुई है.
Police ने आरोपियों से पूछताछ और मिली जानकारी के आधार पर ‘द रैपिड इन्वेस्टर्स’ के कार्यालय पर दबिश दी थी. यहां से मिले सुरागों के आधार पर Police अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है. पूरे मामले में एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि वाले छह बैंक खातों का पता चला है.
Police के मुताबिक, ठगी के मामले में शिकायत मिलने के बाद सबसे पहले दिलीप पांडेय को गिरफ्तार किया गया था. उससे पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर Police ने ‘द रैपिड इन्वेस्टर्स’ के कार्यालय पर दबिश दी. जांच के दौरान दिलीप पांडेय के सहयोगियों के रूप में 11 लोगों को चिन्हित किया गया. इनमें शुभम शर्मा, अहमद राजा, भरत भूषण, नरेश, विजेंद्र, अमित, रमनदीप, नरेंद्र और योगेश सहित अन्य नाम शामिल हैं.
Police ने इस मामले में शुभम शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य चिन्हित आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है. कार्रवाई के दौरान Police ने आरोपियों के पास से 20 सिम कार्ड, 17 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं. Police इन उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि ठगी के तरीके, संपर्कों और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकी.
जांच के दौरान Police को छह बैंक खातों की जानकारी भी मिली है, जिनमें एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि होने की बात सामने आई है. Police अब इन खातों में जमा रकम, लेनदेन और धन के स्रोत की पड़ताल कर रही है. इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित ठगी से प्राप्त रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया. फिलहाल Police पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है.
बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, दस्तावेजों और बैंक खातों के लेनदेन की पड़ताल के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है. Police अन्य चिन्हित आरोपियों की भूमिका और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
कार्रवाई को लेकर इंदौर के डीसीपी अमन राठौर ने बताया कि इंदौर Police द्वारा जो संदेही बैंक खाते रहते हैं, जिसे हम म्यूल अकाउंट कहते हैं, उनके विरुद्ध लगातार ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इसी क्रम में Monday को थाना विजयनगर क्षेत्र में सूचना मिली थी कि एक प्रिंसेस स्काइप बिजनेस पार्क के अंकर एक ऑफिस संचालित किया जा रहा है.
इस कंपनी का जो लाइसेंस है, वो एडवाइजरी का है. मतलब ये लोग निवेशकों को एडवाइज कर सकते हैं कि कहां इन्वेस्टमेंट करें. स्वयं पैसा लेकर उसे इंवेस्ट करने का इनको लाइसेंस नहीं है. उन्होंने बताया कि ये जो कंपनी है, ‘द रैपिड इन्वेस्टर्स’ के नाम से ये शुभम शर्मा द्वारा बनाई गई थी, जो मूल रूप से सतना का रहने वाला है.
जब यहां Police ने रेड की तो 6 म्यूल अकाउंट्स वहां पर मिले, उनके पास बुक और चैक बुक मिली थी. इसमें शुभम शर्मा का एक साथी है, दिलीप पांडे, जो की म्यूल अकाउंट्स उपलब्ध कराता है. इसमें निवेशकों का पैसा लिया जाता है. उसके बाद में ये लोग शुरू में कुछ प्रॉफिट दिखाते हैं. बाद में निवेशकों को बताते हैं कि उनका पैसा डूब गया है.
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डीके/डीकेपी


