सरकारी कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान बीआरएस नेता हरीश राव को हिरासत में लिया गया

हैदराबाद, 27 अगस्त . तेलंगाना विधानसभा में बीआरएस के उपनेता टी. हरीश राव को Police ने Thursday को हनुमाकोंडा जिला कलेक्ट्रेट में Governmentी कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ले लिया.

Police और बीआरएस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प होने के बाद कलेक्ट्रेट में तनाव का माहौल छा गया.

विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि Police ने पूर्व मंत्री हरीश राव के साथ बदतमीजी की और उन्हें वाहन में बैठने की अनुमति दिए बिना ही गिरफ्तार कर लिया गया.

Police हरीश राव को कलेक्ट्रेट से Police स्टेशन तक पैदल ले गई. बीआरएस कार्यकर्ताओं ने Police के इस आचरण पर आक्रोश व्यक्त किया.

यह विरोध प्रदर्शन तेलंगाना नॉन-गजेटेड ऑफिसर्स (टीएनजीओ) एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया था और हरीश राव उनके साथ एकजुटता दिखाने के लिए वहां पहुंचे थे.

इससे पहले, वारंगल में Governmentी पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों से मिलने और यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी में पॉलिटेक्निकों के विलय के Governmentी आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर चल रहे उनके आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए वारंगल जाने से पहले हरीश राव को हैदराबाद के उनके कोकापेट स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया गया था.

हालांकि, पूर्व मंत्री Police को चकमा देकर हनुमाकोंडा के लिए रवाना होने में कामयाब रहे. गैर Governmentी संगठनों के साथ एकजुटता दिखाने के बाद उन्हें वारंगल के Governmentी पॉलिटेक्निक कॉलेज जाना था. लेकिन, Police ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

गिरफ्तार होने से पहले मीडियाकर्मियों से बात करते हुए हरीश राव ने कहा कि रेवंत रेड्डी की Government देश की एकमात्र ऐसी Government है जिसने महंगाई भत्ता की छह किस्तें लंबित रखी हैं.

उन्होंने Governmentी कर्मचारियों की जायज मांगों के लिए बीआरएस पार्टी के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया. उन्होंने Government से कर्मचारियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की.

हरीश राव ने कहा कि चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी ने अंशदायी पेंशन योजना (सीपीएस) को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) से बदलने का वादा किया था. सत्ता में आने के बाद से लगभग तीन साल बीत चुके हैं. लेकिन, न तो सीपीएस को समाप्त किया गया है और न ही वेतन संशोधन आयोग के संबंध में कोई प्रस्ताव पारित हुआ है.

एसएचके/एबीएम

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