सत्ता से जेल तक: इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति मोरेनो भ्रष्टाचार मामले में दोषी, 5 साल की जेल

क्विटो, 29 अगस्त . इक्वाडोर की एक अदालत ने पूर्व President लेनिन मोरेनो को देश के सबसे बड़े हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़े रिश्वत मामले में दोषी मानते हुए पांच साल जेल की सजा सुनाई गई है. अदालत ने उन्हें भविष्य में किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने से भी स्थायी रूप से अयोग्य करार दिया है.

73 साल के मोरेनो को चीन की Governmentी कंपनी सिनोहाइड्रो से रिश्वत लेने और हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट के ठेके से जुड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क में प्रत्यक्ष भूमिका निभाने का दोषी पाया गया. यह मामला करीब दो अरब डॉलर की लागत से बने ‘कोका कोडो सिनक्लेयर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट’ से जुड़ा है.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 2009 से 2018 के बीच फर्जी कंसल्टेंसी कॉन्ट्रैक्ट के जरिए करीब 7.61 करोड़ डॉलर की रिश्वत का लेन-देन किया गया. जांच में आरोप लगाया गया कि इस रकम को विदेशों में खातों और शेल कंपनियों के जरिए पहुंचाया गया.

मोरेनो के परिवार और सहयोगियों को भी इसका लाभ मिला. यह मामला उस दौर से जुड़ा है जब मोरेनो 2007 से 2013 के बीच उपPresident बने थे. वह बाद में 2017 से 2021 तक इक्वाडोर के President भी रहे. मोरेनो ने पूरे मामले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है और आरोप लगाया कि “जांच में उन्हें निशाना बनाया गया.”

मोरेनो के साथ उनकी पत्नी, बेटी, दो भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों को भी मामले में दोषी ठहराया गया है. उनकी पत्नी और बेटी को ढाई-ढाई साल की सजा सुनाई गई है. चीन के पूर्व राजदूत कै रुनगुओ को भी पांच साल की सजा मिली है.

मोरेनो की शारीरिक स्थिति को देखते हुए उन्हें जेल की बजाय हाउस अरेस्ट में सजा काटनी होगी. अदालत ने दोषियों को कथित तौर पर अवैध रूप से हासिल रकम की तीन गुना राशि 90 दिनों के भीतर वापस करने का भी फरमान सुनाया है. इस फैसले के साथ मोरेनो इक्वाडोर के उन पूर्व Presidentयों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में सजा मिली है.

केआर/

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