सड़क और चौराहों पर भटकने वाले बच्चों को शिक्षा और रोजगार से जोड़ेंगे: सीएम रेखा गुप्ता

New Delhi, 11 सितंबर . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने Friday को कहा कि Government बच्चों को सड़क और चौराहों पर भीख मांगने से बाहर निकालने और उन्हें शिक्षा, हुनर ​​और सम्मानजनक जीवन से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है.

सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयोग को निर्देश दिया कि वे जनभागीदारी के माध्यम से शहर में बच्चों द्वारा भीख मांगने की प्रथा को खत्म करने के अभियान को और मजबूत करें. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई.

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर बच्चों तक अभियान की पहुंच बढ़ाने के लिए गैर-Governmentी संगठनों (एनजीओ), नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्‍ल्‍यूए) को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए.

बैठक में डीसीपीसीआर के अध्यक्ष ओपी व्यास, आयोग के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

Chief Minister ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुझाव दिया कि ‘यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण’ (पॉक्‍सो) अधिनियम के बारे में जागरूकता अभियान को एक निरंतर गतिविधि बनाया जाना चाहिए.

उन्होंने स्कूल के कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूल बस और वैन चालकों, अटेंडेंट और सफाई कर्मचारियों के अनिवार्य Police सत्यापन (वेरिफिकेशन) को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही की कोई गुंजाइश न रहे.

Chief Minister ने निर्देश दिया कि बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) में रहने वाले बच्चों के भविष्य के बारे में विस्तृत जानकारी तैयार की जाए.

उन्होंने आयोग से कहा कि वे ‘आफ्टर-केयर’ सुविधाओं (संस्थान छोड़ने के बाद की देखभाल) में रह रहे बच्चों की सूची तैयार करें और उनके कार्यालय को सौंपें. उन्होंने कहा कि सूची में बच्चे का नाम, उम्र, संबंधित संस्थान, वहां रहने की अवधि, शिक्षा और योग्यता, और सीखे गए हुनर ​​जैसी जानकारी शामिल होनी चाहिए.

Chief Minister रेखा गुप्ता ने कहा कि इन संस्थानों को छोड़ने वाले बच्चों को केवल आश्रय देना ही काफी नहीं है. उन्हें शिक्षा, हुनर ​​और रोजगार से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि परिवहन विभाग के माध्यम से इच्छुक लड़कियों को ऑटो और लड़कों को ई-रिक्शा उपलब्ध कराने का काम किया जा सकता है, जिससे वे सम्मानजनक आजीविका शुरू कर सकें.

Chief Minister रेखा गुप्ता ने आयोग को निर्देश दिया कि वे स्कूलों में रसोइयों द्वारा तैयार किए जाने वाले मिड-डे मील और राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले पौष्टिक भोजन की व्यवस्था का निरीक्षण करें.

उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर पाई गई कमियों की तुरंत रिपोर्ट की जानी चाहिए. बैठक में आंगनबाड़ी और पालना केंद्रों में सुविधाओं और वहां बच्चों के प्रति आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के व्यवहार की समीक्षा के लिए इंटर्न के जरिए रिपोर्ट तैयार करने पर भी चर्चा हुई.

Chief Minister ने Governmentी और नगर निगम के स्कूलों में छात्रों के लिए करियर गाइडेंस की व्यवस्था को बढ़ावा देने का सुझाव भी दिया.

एएसएच/डीकेपी

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