संयुक्त राष्ट्र के मानचित्र की गलती को सुधारना होगा: हन्नान मोल्लाह

New Delhi, 10 सितंबर . संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी मानचित्र को लेकर एनसीपी (शरद पवार गुट) नेता फहाद अहमद ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि हम ऐसे किसी नक्शे को नहीं मानते. हमारे देश की सीमा हम खुद तय करेंगे, संयुक्त राष्ट्र नहीं. वहीं सीपीआईएम के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने कहा कि मानचित्र में बीच-बीच में 10 सालों में ऐसी गलतियां हो जाती हैं. अगर गलत है तो India Government को गलती दिखानी चाहिए और संयुक्त राष्ट्र को सुधार करना चाहिए.

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे लेटर में बंगाली बोलने वाले प्रवासी मजदूरों की कथित प्रोफाइलिंग पर दखल देने की मांग पर सीपीआईएम के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने कहा, “उन्होंने गुस्से में यह बात कही है. आज, बंगाली लोगों पर हर जगह हमला हो रहा है. हर राज्य में उन पर हमला हो रहा है. जहां भी बंगाली बोलने वाले लोग काम करते हैं, उन्हें बांग्लादेशी कहा जाता है. उन्हें विदेशी कहकर परेशान किया जा रहा है, इसलिए यह हो रहा है.”

संयुक्त राष्ट्र की तरफ से जारी मानचित्र को लेकर हन्नान मोल्लाह ने कहा, मानचित्र में बीच-बीच में 10 सालों में ऐसा हो जाता है. अगर गलत होगा तो बोलना ही पड़ेगा और सुधार करना पड़ेगा. गलती हो सकता है, सूचना मिलने पर सुधार करना पड़ेगा. उन्हें गलती दिखाना हमारे देश की जिम्मेदारी है. गलती दिखा दें, वहां बैठे लोग उसमें सुधार कर लेंगे.

एनसीपी (शरद पवार गुट) नेता फहद अहमद ने संयुक्त राष्ट्र की तरफ से जारी मानचित्र को लेकर कहा, “सबसे पहली बात ये है कि हम ऐसे किसी नक्शे को नहीं मानते हैं. हमारे देश की सीमा हम तय करेंगे, हम बताएंगे, संयुक्त राष्ट्र नहीं बताएगा. Government में बैठे लोगों से सवाल है कि वो कर क्या रहे हैं? अरुणाचल प्रदेश के अंदर चीन की सेना घुस चुकी है. यूपीए की Government में जो गृह सचिव थे, बाद में वो भाजपा के मंत्री रहे, उन्होंने खुद बयान दिया कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश के अंदर घुस गई है. हम अपने देश की सीमा खुद तय करेंगे.”

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की गरबा वेन्यू में मुसलमानों की एंट्री बैन करने की मांग पर एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता ने कहा कि क्या आपने कभी सुना है कि विश्व हिंदू परिषद ने आजतक चार गरीबों को खाना खिलाया? क्या आपने कभी सुना है कि उन्होंने दस लोगों का हॉस्पिटल में इलाज कराया? यह उनका काम है. कोई त्योहार आता है, चाहे वह मुस्लिम त्योहार हो या हिंदू त्योहार, वे उस पर कमेंट करते हैं.

Actress स्वरा की जौहर प्रथा पर की गई टिप्पणी और उसके बाद उनकी सफाई पर उन्होंने कहा कि बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना बहुत पुराना है. स्वरा ने कभी नहीं कहा कि जौहर करने वाली महिलाएं कायर थीं. उनके बड़े सवाल को तोड़-मरोड़ दिया गया. बड़ा सवाल यह था कि, जैसा कि हाल ही में एक और फिल्म आई थी, ‘मैं वापस आऊंगा,’ उसमें भी बंटवारे के समय का एक दृश्य दिखाया गया था, जहां एक दादी को डर था कि उसकी पोतियों के साथ बलात्कार हो सकता है, इसलिए उसने उनका गला काट दिया. लेकिन उस दृश्य में दर्द था; उसे इस तरह दिखाया गया था कि आपको तकलीफ महसूस होगी. उनका बड़ा सवाल इसी के इर्द-गिर्द घूम रहा था. हमें इसका जश्न नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि यह बहुत कठिन समय था.

केके/डीकेपी

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