
New Delhi, 12 सितंबर . वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध और तनाव के बीच India में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का महत्व और भी बढ़ गया है. रक्षा विशेषज्ञ कमोडोर (रिटायर्ड) रंजीत राय ने कहा कि जब रूस-यूक्रेन युद्ध चौथे साल में है और पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल संघर्ष गहरा रहा है, ऐसे समय में Prime Minister Narendra Modi की अध्यक्षता में हो रहा यह सम्मेलन बेहद अहम है.
रंजीत राय ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में ब्रिक्स सम्मेलन का महत्व काफी बढ़ गया है. एक तरफ रूस-यूक्रेन युद्ध अपने चौथे साल में प्रवेश कर चुका है, तो दूसरी तरफ अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया है. इजरायल गाजा में हमास और लेबनान में लगातार कार्रवाई कर रहा है, जबकि हूती अब सऊदी अरब पर हमले की तैयारी में हैं. ऐसे नाजुक समय में यह बैठक बेहद अहम हो जाती है. इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता Prime Minister मोदी जैसे निर्विवाद नेता कर रहे हैं, जिनके दुनिया के तमाम बड़े नेताओं से मित्रतापूर्ण संबंध हैं. उन्होंने शी जिनपिंग को आमंत्रित किया है जो अगले दिन पहुंच रहे हैं, जबकि President पुतिन पहले ही आ चुके हैं और द्विपक्षीय वार्ता कर चुके हैं.
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स से जुड़ा व्यापार सम्मेलन भी चल रहा है और आखिरकार सब कुछ अर्थव्यवस्था पर ही आकर टिकता है. 11 देशों वाला ब्रिक्स समूह अब दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है. यही वजह है कि ब्रिक्स देश अब संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में अपनी बड़ी भूमिका और हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं. जब ग्लोबल साउथ India मंडपम में जुटा है, तो पश्चिम और यूरोप की नजरें भी इसी पर टिकी हैं. यह सम्मेलन बहुत अच्छी तरह से आयोजित किया गया है और उम्मीद है कि इस बार पिछले सम्मेलन की तरह नहीं, जहां यूएई और ईरान किसी एक बयान पर सहमत नहीं हो पाए थे, बल्कि इस बार सम्मेलन के अंत में एक ठोस और सुनने लायक संयुक्त बयान सामने आएगा.
Prime Minister मोदी की रूस के President व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात अमेरिका और पश्चिमी देशों को क्या संदेश देती है और रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच मोदी-पुतिन संबंध India के रक्षा और रणनीतिक हितों के लिए कितने अहम हैं, इस सवाल पर रक्षा विशेषज्ञ ने कहा कि Prime Minister दुनिया को यह संदेश दे रहे हैं कि India पश्चिम विरोधी नहीं है, India किसी का विरोधी नहीं है. Prime Minister हमेशा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की बात करते हैं, यानी पूरी दुनिया एक परिवार है. अगर सभी देश मिलकर सहयोग करें तो पूरी दुनिया को फायदा होगा.
विशेषज्ञ ने कहा कि Prime Minister मोदी ने ईरान के President मसूद पेजेश्कियन से भी मुलाकात की. अमेरिका एक महाशक्ति है और वह इजरायल के साथ खड़ा है, जो खुद एक बड़ी सैन्य शक्ति है. इजरायल गाजा में लोगों पर हमले कर रहा है, लेबनान पर कार्रवाई कर रहा है और इसे अपनी सुरक्षा के नाम पर सही ठहराता है, जबकि वह फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राज्य के तौर पर स्वीकार नहीं कर रहा है. ये सभी अहम मुद्दे President पुतिन के साथ हुई बातचीत में जरूर उठे होंगे और ईरान के President के साथ हुई बैठक में भी उठे होंगे. हालांकि हर बात सार्वजनिक नहीं की जाएगी. Prime Minister बखूबी जानते हैं कि India इन वैश्विक संकटों में क्या और कितना योगदान दे सकता है.
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केके/एबीएम