
New Delhi, 2 अक्टूबर . मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी और वामपंथी दलों के विरोध-प्रदर्शन के बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अलग-अलग दलों में बंटा हुआ है और केवल विरोध के मुद्दे पर एकजुट दिखाई दे रहा है. जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन, मतदाता सूची में नामों की जांच, प्रदर्शन से अखिलेश यादव की गैर-मौजूदगी, Prime Minister Narendra Modi और भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बातचीत, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी और चुनाव आयोग की विशेष मुहिम पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन पर नरेश बंसल ने कहा कि विपक्ष हताश और निराश है. विपक्षी दलों की बैठक में तय हुआ था कि प्रदर्शन के दौरान किसी पार्टी का झंडा या बैनर नहीं लगाया जाएगा, लेकिन मौके पर अलग-अलग दलों के झंडे दिखाई दिए. मतदाता सूची को शुद्ध रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और चुनाव आयोग इसी दिशा में काम कर रहा है.
नरेश बंसल ने कहा कि मतदाता सूची में डबल नाम या अयोग्य लोगों के नाम रहना लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय है. सूची की जांच और सुधार कोई नई प्रक्रिया नहीं है. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसका जनता से संपर्क नहीं है और उसका मुख्य एजेंडा Prime Minister Narendra Modi का विरोध करना रह गया है. विपक्ष ज्ञानेश कुमार के विरोध से शुरू होकर Prime Minister मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग तक पहुंच जाता है.
विपक्ष द्वारा बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के आरोप पर BJP MP ने कहा कि यदि गलत तरीके से करोड़ों नाम हटाए गए होते तो बड़ी संख्या में लोग शिकायत लेकर सामने आते. उन्होंने कहा कि वह चुनाव आयोग के प्रवक्ता नहीं हैं, लेकिन अब तक किसी ऐसे मतदाता की शिकायत सामने नहीं आई है जिसने यह कहा हो कि उसका नाम गलत तरीके से काटा गया. डुप्लीकेट नामों और अयोग्य मतदाताओं के नामों की जांच की जा रही है और यह प्रक्रिया मतदाता सूची को व्यवस्थित करने के लिए जरूरी है.
विरोध-प्रदर्शन में अखिलेश यादव की गैर-मौजूदगी को लेकर नरेश बंसल ने कहा कि Samajwadi Party प्रमुख बैठक में भी शामिल नहीं हुए. उन्होंने कहा कि डीएमके, आम आदमी पार्टी और Jharkhand मुक्ति मोर्चा की ओर से भी प्रमुख नेताओं की गैर-मौजूदगी रही. विपक्षी खेमे में राहुल गांधी और ममता बनर्जी प्रमुख रूप से दिखाई देते हैं, जबकि कई बड़े दल अलग रहे.
Prime Minister मोदी और भारतीय पायलट स्मित के बीच हुई बातचीत का जिक्र करते हुए नरेश बंसल ने पायलट की बहादुरी की सराहना की. संकट की स्थिति में हनुमान जी को याद किया जाता है और उनके अनुसार पायलट ने मुश्किल परिस्थिति में विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि Prime Minister ने पायलट से बातचीत की और पायलट ने Prime Minister को अपना आदर्श बताया. पायलट ने जिस तरह साहस का परिचय दिया, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है.
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान पर कि धर्म पर संकट आएगा तो देश भी संकट में होगा, नरेश बंसल ने कहा कि भागवत देश की परिस्थितियों और अपने अनुभव के आधार पर बात रखते हैं. उन्होंने कहा कि यदि धर्म पर संकट होगा तो उसका असर देश पर भी पड़ेगा.
चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर की प्रक्रिया पूरी कर चुके राज्यों में छूटे हुए मतदाताओं के नाम फिर से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के फैसले पर नरेश बंसल ने विपक्ष पर सवाल उठाए. विपक्ष केवल नाम काटे जाने की बात कर रहा है, जबकि नाम जोड़ने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है. एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गलत नाम मतदाता सूची में न रहें और पात्र मतदाता का नाम भी सूची से बाहर न रह जाए. इसके लिए बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर छूटे हुए मतदाताओं की पहचान करेंगे और फॉर्म-6 के जरिए नाम जोड़ने में मदद करेंगे.
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के इस्तीफे और उनके बयान पर नरेश बंसल ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है. उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है और पार्टी के भीतर चल रही खींचतान दिखाई दे रही है.
वहीं, अखिलेश यादव के उस बयान पर कि भाजपा को हराने के लिए जो भी उनके साथ आना चाहता है, उसका स्वागत है, नरेश बंसल ने कहा कि अखिलेश यादव इस तरह की बातें करते रहते हैं. उन्होंने दावा किया कि कोई भी दल उनके साथ हाथ मिलाने को तैयार नहीं है और भाजपा को देश की जनता का समर्थन प्राप्त है.
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पीएसके