विजयादशमी पर विजय सिन्हा से लेकर चन्नी तक ने दिया एकता और धर्म की जीत का संदेश

New Delhi, 20 अक्टूबर . विजयादशमी के अवसर पर बिहार के मंत्री विजय सिन्हा, पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, मंत्री जोगाराम पटेल, पंजाब के Governor गुलाब चंद कटारिया और भाजपा नेता रविंदर रैना समेत कई नेताओं ने देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं. सभी नेताओं ने कहा कि दशहरा अधर्म पर धर्म, बुराई पर अच्छाई और झूठ पर सत्य की जीत का प्रतीक है. वहीं दिल्ली में केशव रामलीला समिति द्वारा इस बार गंदगी के प्रतीक के तौर पर कॉकरोच के पुतले के दहन पर सियासत भी देखने को मिली.
बिहार के मंत्री विजय सिन्हा ने कहा, “अधर्म पर धर्म की विजय, आसक्ति के अंत और अहंकार के नाश का प्रतीक है. इस तरह की प्रवृत्तियां दुनिया में बार-बार उभरती हैं, लेकिन दैवीय शक्तियां हमेशा अहंकार, लोभ और आसक्ति पर विजय प्राप्त करती हैं. भगवान राम ने अहंकार, अत्याचार, दुराचार और अधर्म के खिलाफ लड़ाई लड़ी. अंततः उन्हें पराजित कर धर्म की स्थापना की. यह India के सभी वंशजों के लिए प्रेरणा है. यही सत्य है, यही सनातन है और यही हमारी संस्कृति है.”
पंजाब के पूर्व Chief Minister और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, “हम अमृतसर शहर पहुंचे हैं. अमृतसर के बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दशहरा मनाने के लिए एकत्र हुए हैं. दशहरा कमेटी, खासकर बुलारिया साहब और अन्य लोगों ने मुझे यहां आने का अवसर दिया. मैं सभी पंजाबियों और देशभर के नागरिकों को दशहरे की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं. सभी को हार्दिक बधाई. दशहरा बुराई पर अच्छाई और झूठ पर सच्चाई की जीत का प्रतीक है.”
मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा, “यह हिंदू संस्कृति और हमारे राष्ट्र India के लिए एक बहुत ही ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण त्योहार है. यह त्योहार हमें सिखाता है और हमारे भीतर और हमारे आसपास, हमारी गलियों, मोहल्लों, राज्य और देश में मौजूद हर तरह की बुराई, सामाजिक बुराइयों, अहंकार और भ्रष्टाचार को खत्म करने का संकल्प देता है. जो कुछ भी रावण जैसा माना जाता है, उसका त्याग करना चाहिए और उसे समाप्त करना चाहिए.”
पंजाब के Governor और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा, “रावण का दहन भगवान श्री राम द्वारा प्राप्त झूठ पर सत्य और अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक है. इसी तरह हमें अपने भीतर के रावण पर विजय प्राप्त करनी चाहिए, जो हमारे अवगुणों और हमारे दस सिरों के अहंकार का प्रतीक है. हमें इन दोषों पर काबू पाने के प्रयास करने चाहिए, तभी विजयादशमी हमारे लिए वास्तव में सार्थक होगी.”
भाजपा नेता रविंदर रैना ने कहा, “विजयादशमी का यह पवित्र दिन, जिसे अधर्म पर धर्म की जीत के रूप में मनाया जाता है. दशहरा विजयादशमी का यह शुभ दिन, जिस दिन भगवान राम ने रावण का वध कर पाप का अंत किया, विजयादशमी हमें याद दिलाती है कि चाहे कोई पापी या अधर्मी कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसका अंत हमेशा बुरा ही होता है. सत्य, अच्छाई और धर्म की हमेशा जीत होगी. दशहरा और विजयादशमी का यह त्योहार हमें यही संदेश देता है.”
अशोक गोयल देवराहा ने कहा, “केशव रामलीला समिति 15 वर्षों से लगातार यहीं पर भगवान श्रीराम की लीला का मंचन कर रही है. विजयादशमी के दिन हम सत्य की जीत के रूप में भगवान श्रीराम द्वारा जो रावण का वध किया जाता है, तो रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाता है. साथ ही देश और समाज की जो समस्या है, उसका भी एक छोटा पुतला दहन करते हैं. पिछले वर्षों में आतंकवाद, नक्सलवाद, प्रदूषण, भ्रष्टाचार और कोरोना के मुद्दों पर भी पुतलों का दहन किया. इस साल हम गंदगी के प्रतीक के रूप में कॉकरोच के पुतले का दहन कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि सौरभ भारद्वाज पूरी तरह से हताश और निराश हैं और यह उनकी मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है. हम गंदगी के प्रतीक के रूप में तिलचट्टे का पुतला जला रहे हैं. गंदगी एक बड़ा मुद्दा है. विपक्ष के लोग जनता के मुद्दों के साथ खड़े नहीं होते, वे जनता से कट चुके हैं और अपनी हार से बौखलाए हुए हैं. मैं उनसे आग्रह करूंगा कि वे गंदगी को खत्म करने में हाथ बटाएं और उन्हें इस काम में भी सहयोग करना चाहिए. पिछले डेढ़ साल से वे अपनी हार को पचा नहीं पा रहे हैं, इसीलिए वे ऐसे बयान दे रहे हैं. भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे.
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केके/वीसी


