वाराणसी के नमो घाट पर 22 से 25 अक्टूबर तक भव्य एयर शो का आयोजन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

वाराणसी, 20 अक्टूबर . भारतीय वायुसेना दिवस की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वाराणसी के नमो घाट पर भव्य मेगा एयर शो का आयोजन किया जाएगा. इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. एयर शो का आयोजन 22, 24 और 25 अक्टूबर को किया जाएगा.
भारतीय वायुसेना दिवस की 94वीं वर्षगांठ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वायुसेना ने नमो घाट परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया है. वहीं, Police और जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है. भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं.
इससे पहले 21 अक्टूबर को इसकी अंतिम रिहर्सल यानी फुल ड्रेस अभ्यास होगा. इस दौरान सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक 20 से अधिक आधुनिक लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर गंगा नदी के ऊपर आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे. इस अभ्यास के जरिए मुख्य आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा.
एयर शो और रिहर्सल को देखते हुए नमो घाट पर आम जनता का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. जिला प्रशासन के अनुसार, घाट परिसर में केवल आमंत्रित अतिथियों के लिए वीआईपी दीर्घा बनाई गई है. सुरक्षा कारणों से आम लोगों को यहां प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी.
हालांकि, एयर शो देखने के इच्छुक लोगों के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए हैं. वाराणसी के लोग अस्सी घाट से राजघाट तक विभिन्न घाटों से विमानों के करतब देख सकेंगे. वहीं, पड़ोसी जिले चंदौली के लोग डोमरी से रामनगर के बीच स्थित मैदानी इलाकों और नदी तटों से एयर शो का आनंद ले सकेंगे.
बता दें कि वाराणसी में पहली बार इस स्तर के मेगा एयर शो के आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह है. प्रशासन का अनुमान है कि इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने के लिए काशी और आसपास के जिलों से 20 लाख से अधिक लोग विभिन्न घाटों पर पहुंच सकते हैं. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यापक योजना तैयार की गई है.
आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए वाराणसी के विभिन्न Governmentी विभागों के पांच हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. विकास भवन में पिछले तीन दिनों से लगातार ड्यूटी सूची तैयार करने का काम चल रहा है. वाराणसी के अलावा गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली के प्रशासनिक अधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है.
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एसएके/डीकेपी


