
वायनाड, 24 सितंबर . केरल के वायनाड दौरे पर पहुंची कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग और केंद्र Government पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दो बड़े मुद्दों – इको सेंसिटिव जोन (ईएसजेड) के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर अपनी बात रखी.
वायनाड में पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि इको-सेंसिटिव जोन का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन चिंता का विषय है. यह हमारे लिए एक मुद्दा है. कुछ गांव हैं जिन्हें जाहिर तौर पर इसमें शामिल किया जा रहा है. Chief Minister को इसकी जानकारी है. मुझे लगता है कि कल उन्होंने केंद्र Government के लोगों से मुलाकात की थी. उन्होंने कहा है कि वह इस मामले को देखेंगे. और देखिए, हमारा काम लोगों की आजीविका, उनके घरों और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा करना है. हम अपना काम करेंगे.”
दरअसल, केंद्र Government ने वायनाड सहित पश्चिमी घाट के कई इलाकों को इको-सेंसिटिव जोन में शामिल करने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है. स्थानीय लोगों को डर है कि इससे उनकी खेती और रोजगार पर असर पड़ेगा. प्रियंका ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर लोगों के साथ खड़ी है.
इसके साथ ही प्रियंका गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को मिलने वाले कानूनी संरक्षण को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि जो कोई भी चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करता है, वह देश के साथ गद्दारी कर रहा है.
उन्होंने कहा, “हमारा रुख बिल्कुल साफ है. मुझे नहीं लगता कि इस पद पर बैठे किसी व्यक्ति को उस तरह का कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए जैसा मुख्य चुनाव आयुक्त को मिलता है. अगर उन्होंने गैरकानूनी काम किए हैं, जैसे वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ करना या 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाना तो मेरा मानना है कि यह लोकतंत्र, संविधान और देश के खिलाफ एक आपराधिक कृत्य है.”
प्रियंका ने कहा, “चूंकि आपराधिक कृत्य एक खास कानून के दायरे में आते हैं और ऐसे कामों के लिए लोगों पर मुकदमा चलाया जाता है और उन्हें सजा दी जाती है, इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि चुनाव आयुक्त को इससे कोई संरक्षण क्यों मिलना चाहिए. अगर उन्होंने कोई गैरकानूनी काम किया है तो उन्हें पूरी तरह पता था कि यह सब उनकी नाक के नीचे हो रहा है. उनके सहयोगियों ने इस बात की ओर उनका ध्यान भी दिलाया था. उन्होंने इसे नजरअंदाज किया और जानबूझकर एक अनुचित चुनाव होने दिया.”
उन्होंने मांग की कि ऐसे में चुनाव आयुक्त पर भी किसी अन्य अपराधी की तरह आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए और उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए.
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एससीएच/वीसी