रेप की धमकियों से घर से निकलने में लगता था डर, दिल्ली पुलिस ने दिया 72 घंटे में गिरफ्तारी का भरोसा : निशु आजाद

New Delhi, 4 सितंबर . जंतर-मंतर पर सीजेपी की ओर से हुए प्रदर्शन में निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट मामले में पार्लियामेंट स्ट्रीट Police स्टेशन के बाहर Friday को दिनभर गहमागहमी रही. इस मामले में पीड़िता निशु आजाद, उनके पिता संजय आजाद, आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद, सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और वकील ऋषभ रंजन ने मीडिया से बात की और Police से हुई बातचीत की जानकारी दी.

सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद ने कहा कि पिछले कई दिनों से आरोपी के समर्थक उन्हें गालियां दे रहे थे और रेप की धमकियां दे रहे थे. निशु ने कहा, “सच बताऊं तो इतने दिनों से जो लोग मुझे गालियां दे रहे थे और रेप की धमकियां दे रहे थे. मैंने उनके खिलाफ First Information Report भी दर्ज कराई है. अब उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है और मुझे उम्मीद है कि Police उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी.”

उन्होंने कहा कि इन धमकियों की वजह से उनकी जिंदगी पर गहरा असर पड़ा है. जिस तरह से ये लोग मुझे गालियां दे रहे थे, रेप की धमकियां दे रहे थे और मेरे अश्लील स्टिकर बना रहे थे, उसकी वजह से मुझे घर से बाहर निकलने में भी शर्म आ रही थी. इस घटना की वजह से डर के चलते मैं दो-तीन हफ्ते कॉलेज नहीं गई. और अब जब जाती हूं तो लगता है कि सब मुझे जज कर रहे हैं, बहुत बुरा लगता है. मुझे उम्मीद है कि Police अब कार्रवाई करेगी ताकि मुझे ये सब और न सहना पड़े. अब तक Police जवाब नहीं दे रही थी लेकिन अब दे रही है. तो उम्मीद है कि Police इसी तरह कार्रवाई भी केरगी.

निशु के पिता संजय आजाद ने कहा, “दिल्ली Police ने First Information Report में कानूनी धाराओं को शामिल करने की हमारी मांग मान ली है. Police ने हमें 72 घंटे का समय दिया है. हमें विश्वास है कि 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया जाएगा. हमें दिल्ली Police और संविधान पर पूरा भरोसा है.”

इंडियन यूथ कांग्रेस के वकील ऋषभ रंजन ने First Information Report और धाराओं को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा, “हमारी उनसे लंबी चर्चा हुई और हमारी एक ही मांग थी कि पहले दर्ज First Information Report में जो महत्वपूर्ण धाराएं छूट गई थीं, उन्हें जोड़ा जाए. एक हत्या के प्रयास की धारा, दूसरी एससी/एसटी एक्ट की धाराएं और आपराधिक धमकी की दूसरी धाराएं, जिस पर वे राजी हो गए. उन्होंने कहा कि वे ये सभी धाराएं जोड़ेंगे, आरोपी को फ्रेम करेंगे और उस पर मुकदमा चलाएंगे. उन्होंने हमें यह भी भरोसा दिया है कि 72 घंटे में उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि आज भी गिरफ्तारी हो सकती है. हमने उनसे कहा कि Police उनकी तलाश कर रही है, लेकिन वह मीडिया में बाइट दे रहा है, इंटरव्यू दे रहा है. उसे पकड़ना मुश्किल नहीं है, जिस पर उन्होंने कहा कि वे आज ही उसे गिरफ्तार करने की कोशिश करेंगे. अगर आज नहीं तो गिरफ्तारी की अधिकतम समय सीमा 72 घंटे है.”

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “72 घंटे के अंदर, हमें पूरा भरोसा है. जो आश्वासन उन्होंने दिया है, हमें भरोसा है कि दिल्ली Police जिसे पूरे देश में एक प्रमुख एजेंसी माना जाता है, वह अपनी प्रतिबद्धता को निभाएगी. जो गुंडे घूम रहे हैं, देश में और देश की राजधानी में इतने खुलेआम घूम रहे हैं, उन्हें इस तरह खुलेआम घूमने नहीं दिया जाएगा.”

उन्होंने कहा, “आप जानते हैं कि Supreme Court ने अभी छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी First Information Report को रद्द कर दिया है. इस समय, अगर आपने दिल्ली Police का हलफनामा पढ़ा है, तो उन्होंने कहा था कि 2,800 हिस्ट्रीशीटर, दुर्दांत अपराधियों की जांच कर उन्हें जेल में डालने की जरूरत है. तो हमने भी कहा, उन्हें जेल में डालो, हमने वो शर्त मान ली. तो क्या स्वतंत्र भारद्वाज जैसे ये गुंडे – वे जंतर-मंतर पर आए, क्या दिल्ली Police ने उस समय उनकी पहचान नहीं की? और जब वह आया तो धमकी देते हुए आया, वह निशु को धमकी दे रहा था, और जब वह जंतर-मंतर आया तो उसने वहां इतना जघन्य अपराध किया, हत्या का प्रयास किया. उसके बाद, First Information Report दर्ज होने के बाद भी दिल्ली Police अभी भी उसे बचा रही है और उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. क्या वह उन 2,800 दुर्दांत अपराधियों में से एक नहीं है? तो दिल्ली Police Supreme Court में एक बात कहती है और यहां बिल्कुल अलग कार्रवाई करती है.”

सौरव दास ने बताया कि आजाद समाज पार्टी, सांसद चंद्रशेखर आजाद और सभी समर्थकों ने दिल्ली Police से बात की और एडिशनल डीसीपी ने आश्वासन दिया है कि Friday शाम तक संजय आजाद के मामले में मौजूदा First Information Report में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जाएगी. साथ ही एससी/एसटी एक्ट, धारा 308 और धारा 351 भी लगाई जाएगी.

सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “जो व्यक्ति खुलेआम मीडिया में बाइट दे रहा है, जैसे उसने बहुत बड़ा कारनामा हासिल कर लिया हो. हमें उम्मीद है कि दिल्ली Police इतनी सक्षम है कि उस व्यक्ति को जल्द से जल्द गिरफ्तार करेगी. आज पूरा देश गौर से दिल्ली Police की तरफ देख रहा है. दिल्ली Police को साबित करना होगा कि वह गुंडों की संरक्षक नहीं है. वह दिल्ली के नागरिकों के लिए बनी है, इस देश के नागरिकों के लिए बनी है.”

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा, “उन्होंने इसे प्रोसेस किया है. हम भी कानूनी प्रक्रिया को समझते हैं. उन्होंने कहा कि शाम तक हम इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे और पूरा करेंगे. आप शाम को चेक कर सकते हैं, और अगर नहीं हुआ तो आप हमसे सवाल कर सकते हैं.”

उन्होंने कहा, “संजय को 2.5 इंच की दो चोटें आई हैं, सिर में दो अलग-अलग चोटें. ऐसा क्यों हुआ? मुझे यहां क्यों आना पड़ा? इन सभी लोगों को क्यों आना पड़ा? जनता में इतना आक्रोश क्यों दिखा? कहीं न कहीं लगता है कि इसमें मिलीभगत है. जिनके नाम आ रहे हैं, क्या उनकी जांच नहीं हुई? क्या उन्होंने आरोपी को छुड़ाने के लिए वरिष्ठ Police अधिकारियों को फोन किया? उनके काम की भी जांच होनी चाहिए. कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह मैं हूं या कोई और. कोई भी कानून से ऊपर या नीचे नहीं है. अगर किसी के अपराध को उसकी ताकत के आधार पर माफ कर दिया जाता है, तो यह लोकतंत्र और कानून के राज के लिए खतरा है.”

चंद्रशेखर ने कहा, “हम अभी Police अधिकारियों से मिले हैं. आपने देखा, मैंने देखा, हम सभी ने देखा कि कैसे आरोपी सार्वजनिक रूप से न्यूज चैनलों पर बैठकर अपने अपराधों को कबूल कर रहा है. वह दावा कर रहा है कि वह उन्हें मारना चाहता था, उसने उन पर हमला किया. फिर भी Police ने उसे गिरफ्तार नहीं किया. वह कहता है कि Police उसे घुमाती रही और फिर सिर्फ एक नोटिस देकर छोड़ दिया. पीड़ित डरे हुए हैं. आरोपी स्टेटस पोस्ट कर रहा है, देश का माहौल खराब करने की धमकी दे रहा है, मुसलमानों को निशाना बना रहा है. पीड़ित परिवार डरा हुआ है. संजय और उनकी बेटी को लगातार रेप, एसिड अटैक और हत्या की धमकियां मिल रही हैं. अगर देश की राजधानी में यह हाल है, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ग्रामीण इलाकों में क्या स्थिति होगी. Police अधिकारियों ने हमसे वादा किया है कि वे 72 घंटे के अंदर गिरफ्तारी करेंगे.”

वीकेयू/पीएम

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