टनल रोड प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने से पहले बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम की स्थिति का अध्ययन करें : शोभा करंदलाजे

Bengaluru, 4 सितंबर . केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे ने Friday को कर्नाटक Government से आग्रह किया कि वह प्रस्तावित टनल रोड प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने से पहले Bengaluru में ट्रैफिक जाम की समस्या का व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन करे.

Bengaluru में भाजपा के प्रदेश कार्यालय ‘जगन्नाथ भवन’ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए करंदलाजे ने टनल रोड प्रोजेक्ट के मौजूदा स्वरूप का विरोध किया और इसकी अनुमानित लागत में हुई भारी बढ़ोतरी पर सवाल उठाए.

उन्होंने कहा कि टनल रोड प्रोजेक्ट के पहले पैकेज की अनुमानित लागत 5,484 करोड़ रुपए से बढ़कर 10,734 करोड़ रुपए हो गई है जबकि दूसरे पैकेज की लागत का अनुमान 11,263 करोड़ रुपए लगाया गया है.

उन्होंने सवाल किया, “टेंडर की रकम में लगभग 97 प्रतिशत की बढ़ोतरी क्यों हुई है?” उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रोजेक्ट बिना पर्याप्त तैयारी या उचित वैज्ञानिक अध्ययन के शुरू किया जा रहा है.

Government के उस सर्कुलर का जिक्र करते हुए जिसमें कहा गया है कि टेंडर प्रीमियम 5 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए, उन्होंने सवाल किया कि प्रोजेक्ट की लागत में इतनी भारी बढ़ोतरी की इजाजत कैसे दी गई.

उन्होंने कहा, “इस 10,000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट के लिए बोली (बिडिंग) बुलानी चाहिए थी.” उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रोजेक्ट पर एक तकनीकी रिपोर्ट मांगी थी और Government ने जरूरी अध्ययन पूरे किए बिना जल्दबाजी में टेंडर मंगाए.

उन्होंने पूछा, “अगर मेट्रो और टनल रोड एक साथ चलेंगी तो सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी? आपने क्या अध्ययन किया है?”

करंदलाजे ने Government से आग्रह किया कि वह अपने कार्यकाल के बचे हुए समय में ‘Bengaluru को बर्बाद न करे.’ उन्होंने यह भी कहा कि वह कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर शहर की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करेंगी.

करंदलाजे ने Bengaluru के निवासियों के विरोध और वरिष्ठ नागरिकों के प्रदर्शन के बाद प्रस्तावित पार्क-संबंधी बिल को अस्थायी रूप से वापस लेने के Government के फैसले की भी आलोचना की.

उन्होंने कहा कि Government ने जनता के विरोध के कारण बिल को अस्थायी रूप से वापस ले लिया है और बताया कि Chief Minister डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि इसे विधानसभा में दोबारा लाने से पहले जनता की राय ली जाएगी.

हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने संकेत दिया है कि बिल को बिना एक ‘पूर्ण विराम’ बदले ही वापस लाया जाएगा.

उन्होंने झीलों के संरक्षण से जुड़े प्रस्तावित कानून का भी विरोध किया और आरोप लगाया कि रियल एस्टेट के फायदे के लिए Bengaluru की झीलों पर पहले ही कब्जा करके उन्हें लेआउट और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बदल दिया गया है.

उन्होंने कहा, “यही वजह है कि बारिश होने पर Bengaluru किसी झील जैसा हो जाता है.” करंदलाजे ने कहा कि Government को सार्वजनिक पार्क और झीलें नहीं छीननी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी, “आपके पास बस एक साल बचा है. कर्नाटक को बर्बाद न करें.”

उन्होंने Government पर आर्थिक हितों से प्रेरित होने का आरोप लगाया और कहा कि पानी, बिजली और कचरा उठाने जैसी जरूरी सेवाओं की लागत हर महीने बढ़ रही है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में Bengaluru सेंट्रल के सांसद पी.सी. मोहन, Bengaluru साउथ के सांसद तेजस्वी सूर्या और बीजेपी Bengaluru नॉर्थ जिला अध्यक्ष एस. हरीश मौजूद थे.

एससीएच/पीएम

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