
New Delhi, 1 अक्टूबर . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) मामले में Thursday को Mumbai स्थित विशेष सीबीआई अदालत में दूसरी चार्जशीट दाखिल की. इस चार्जशीट में कुल 11 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस एडीए समूह के तीन वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं.
सीबीआई के अनुसार, आरोपियों में आरएचएफएल के निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अमित बापना, रिलायंस कैपिटल समूह के प्रबंध निदेशक एवं उपाध्यक्ष अमिताभ झुनझुनवाला तथा रिलायंस पावर के सीएफओ सुरेश नागराजन शामिल हैं.
चार्जशीट में सात कंपनियों के नाम भी शामिल किए गए हैं. इनमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस पावर लिमिटेड, रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क लिमिटेड, रिलायंस बिजनेस ब्रॉडकास्ट न्यूज होल्डिंग्स लिमिटेड, रिलायंस मीडियावर्क्स फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और कुंजबिहारी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं. इसके अलावा आरएचएफएल के चार्टर्ड अकाउंटेंट और वैधानिक ऑडिटर विजय नपावालिया को भी आरोपी बनाया गया है.
सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं.
जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक की जांच में यह सामने आया है कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड द्वारा उधार लिए गए लगभग 7,429.16 करोड़ रुपए कथित रूप से विभिन्न मध्यवर्ती और फ्रंट कंपनियों के माध्यम से रिलायंस एडीए समूह की अन्य कंपनियों तक पहुंचाए गए. एजेंसी का आरोप है कि यह हस्तांतरण ऋणदाताओं द्वारा निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करते हुए किया गया, जिससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को नुकसान पहुंचा तथा संबंधित संस्थाओं और आरोपियों को अनुचित लाभ मिला.
सीबीआई ने यह मामला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (पूर्व आंध्रा बैंक) और सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों के समूह से प्राप्त शिकायतों के आधार पर दर्ज किया था. इससे पहले एजेंसी ने इस मामले में 9 जुलाई को पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें चार आरोपियों को नामजद किया गया था.
दूसरी चार्जशीट के साथ अब तक इस मामले में कुल 15 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है. इनमें वरिष्ठ अधिकारी और समूह की विभिन्न कंपनियां शामिल हैं. एजेंसी ने कहा है कि अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका और अतिरिक्त आरोपों की जांच अभी भी जारी है.
सीबीआई की बैंकिंग सिक्योरिटीज फ्रॉड शाखा ने रिलायंस समूह की कई कंपनियों, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम), रिलायंस होम फाइनेंस (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (आरसीएफएल), रिलायंस टेलीकॉम (आरटीएल) और रिलायंस कैपिटल (आरसीएल) शामिल हैं, के खिलाफ कुल नौ First Information Report दर्ज की हैं. ये मामले विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, एलआईसी और ईपीएफओ की शिकायतों पर आधारित हैं.
सीबीआई ने बताया कि रिलायंस एडीए समूह से जुड़े मामलों में अब तक छह चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी हैं. मौजूदा आरोपपत्र इस शृंखला की सातवीं चार्जशीट है. एजेंसी अब तक इन मामलों में सात लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है.
महत्वपूर्ण बात यह है कि इन मामलों की जांच की निगरानी Supreme Court द्वारा की जा रही है. सीबीआई का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और नए तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है.
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डीबीपी