
देवघर, 4 अक्टूबर . BJP MP निशिकांत दुबे ने Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आंदोलन पर निशाना साधा और कांग्रेस को लेकर कई सीधे सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह पूरा आंदोलन ज्ञानेश कुमार को हटाने का आंदोलन है. यह बांग्लादेशियों को India का नागरिक बनाने और उन्हें वोटर बनाने का आंदोलन है.
उन्होंने कहा, “हर क्रिया की उतनी ही और वैसी ही प्रतिक्रिया होगी. राहुल गांधी जितना चाहें विरोध करते रहें. जब India के नागरिक खड़े होंगे और यह पहले ही असम में हो चुका है, जहां नेल्ली नरसंहार हुआ था, जिसमें बांग्लादेशियों से जुड़े आरोपों पर एक ही रात में सैकड़ों लोगों को जिंदा जलाकर मार दिया गया था, यह देश को गृहयुद्ध की ओर ले जा रहा है.”
निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी में पिछले 70 सालों में कौन सा चुनाव हुआ है. 1950-51 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के विरोध के बावजूद राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन वर्ष 1950 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे. नतीजा यह हुआ कि नेहरू ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी से इस्तीफा दे दिया. बाद में इंदिरा गांधी को अध्यक्ष बना दिया.”
उन्होंने कहा, “जब इंदिरा गांधी अध्यक्ष बनीं, तो अध्यक्ष थे एस. निजलिंगप्पा. उनके साथ मोरारजी देसाई से लेकर नीलम संजीव रेड्डी तक थे, उन्होंने ही उनको बाहर निकाल दिया. तो उन्होंने अपनी इंदिरा कांग्रेस बना दी. 1969 के बाद से आज तक कांग्रेस (आई) में कौन सा चुनाव हुआ है. किस डेलिगेट के आधार पर अध्यक्ष की नियुक्ति हुई. एक ही परिवार जो अध्यक्ष होगा या लीडर ऑफ ऑपोजिशन होगा. यही हाल Samajwadi Party का है. राजद का भी यही हाल है. जो लोग अपनी पार्टी में चुनाव नहीं करा सकते हैं, वे देश में लोकतंत्र की बात करते हैं.”
वहीं, दूसरी बंग्लादेशियों को बसाने के षड्यंत्र वाले बयान पर उन्होंने कहा, “यह बंग्लादेशियों को बसाने का षड्यंत्र है. हम बहुत सी जगहों पर नहीं जाते हैं. हम हमेशा सरदार पटेल के पदचिन्हों पर चलते रहे हैं. आजादी की लड़ाई के दौरान, जब भी किसी बात का जवाब देने की जरूरत होती थी, तो सत्याग्रह किया जाता था. इसी तरह, जब भी मुझे किसी बात का जवाब देना होता है, तो मैं संथाल परगना आ जाता हूं. 1951 में आदिवासियों की जनसंख्या 45 प्रतिशत थी और यह 2011 में यह 25-26 प्रतिशत हो गई. “
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वीकेयू/पीएम