
New Delhi, 5 सितंबर . कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कथित ‘शुद्धिकरण’ मामला, राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज First Information Report और स्वतंत्र भारद्वाज पर कार्रवाई को लेकर केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा. वहीं, कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आगामी किताब के प्रकाशन को लेकर कथित दबाव और शिक्षक दिवस पर Prime Minister Narendra Modi के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स दौरे पर प्रतिक्रिया दी.
‘शुद्धिकरण’ मामले को लेकर जीरो First Information Report दर्ज होने और Chief Minister आवास के बाहर प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारी पर कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड के देहरादून में प्रदर्शन करेगी. राहुल गांधी के खिलाफ भी First Information Report का मामला है और पार्टी लोगों के बीच जाकर इन मुद्दों को उठाएगी. राहुल गांधी के खिलाफ बहुत तेजी से First Information Report दर्ज की गई, जबकि राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से पत्र लिखे जाने के बावजूद संबंधित मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई. Government की कार्रवाई चयनात्मक है.
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि उत्तराखंड के लोग इस पूरे मामले से नाराज हैं और भाजपा पर अपनी विचारधारा लोगों पर थोपने के प्रयास का आरोप लगाया.
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर कुमारी सैलजा ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मामले से संबंधित बातें पहले से सामने थीं, तो कार्रवाई करने में इतना समय क्यों लगा. Government की कार्रवाई निष्पक्ष नहीं दिखाई देती. कम से कम लोगों को यह विश्वास तो होना चाहिए कि कानून सभी के लिए समान है और Government न्याय के साथ खड़ी है. कार्रवाई में देरी से Government की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठते हैं.
स्वतंत्र भारद्वाज की रिहाई की मांग को लेकर हिंदू संगठनों के प्रदर्शन पर सैलजा ने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ऐसी कट्टर ताकतों को बढ़ावा दिया जा रहा है और सवाल किया कि समाज को किस हद तक बांटने की कोशिश की जाएगी.
सोनिया गांधी की आने वाली किताब को लेकर कुमारी सैलजा ने कहा कि उनकी गरिमा और सार्वजनिक छवि से सभी परिचित हैं. सोनिया गांधी जो भी कहेंगी, पूरी ईमानदारी और सच्चाई के साथ कहेंगी.
सोनिया गांधी की आने वाली किताब को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि सामने आई चर्चाओं से उन्हें लगता है कि प्रकाशन कंपनी पर किताब प्रकाशित नहीं करने के लिए किसी तरह का दबाव रहा होगा. सोनिया गांधी की Political और व्यक्तिगत यात्रा अपने आप में महत्वपूर्ण है. सोनिया गांधी ने India में आकर देश और कांग्रेस के लिए लंबा योगदान दिया तथा Political जीवन में कई त्याग किए. यदि किसी प्रकाशक को दबाव डालकर किताब प्रकाशित करने से रोका गया, तो यह गंभीर विषय है.
उन्होंने कहा कि देश में ऐतिहासिक और तथ्यात्मक घटनाओं को सामने रखने की स्वतंत्रता होनी चाहिए. दूसरी प्रकाशन कंपनी द्वारा किताब प्रकाशित किए जाने की खबर से उन्हें खुशी है और वे इसके आने का इंतजार कर रहे हैं.
शिक्षक दिवस पर Prime Minister Narendra Modi के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स जाकर छात्रों और शिक्षकों से संवाद करने के कार्यक्रम पर सचिन पायलट ने केंद्र Government पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा Government को इतने वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद अब छात्रों और शिक्षकों की चिंता इसलिए हुई है क्योंकि नई पीढ़ी में Government को लेकर नाराजगी बढ़ी है. पेपर लीक और परीक्षाओं से जुड़ी अव्यवस्थाओं से भाजपा Government की छात्र, युवा और रोजगार विरोधी छवि बनी है. Government शायद इस धारणा को बदलने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसमें काफी देर हो चुकी है.
पायलट ने कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि Government परीक्षा आयोजित कराने, परिणाम समय पर देने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रहती है, तो उसे जवाबदेही तय करनी चाहिए. उन्होंने छात्र आंदोलनों से निपटने के Government के तरीके पर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग किया गया. पायलट ने बिहार के छात्र आंदोलन का भी जिक्र करते हुए केंद्र Government से इन घटनाओं को लेकर जवाब देने की मांग की.
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पीएसके/एबीएम