
jaipur, 3 अक्टूबर . Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं तेजी से आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं. लखपति दीदी पहल के तहत 26 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि करीब 20 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं.
Chief Minister ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी, उद्यमिता और आर्थिक सशक्तीकरण आत्मनिर्भर और समृद्ध Rajasthan के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल समाज का अभिन्न हिस्सा ही नहीं हैं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण की नींव हैं. महिलाओं का सम्मान और सशक्तीकरण एक सभ्य समाज की पहचान है.
Saturday को यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज में आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन और संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय परंपरा में हमेशा नारी शक्ति का सम्मान किया गया है. उन्होंने कहा कि शक्ति, ज्ञान और समृद्धि के प्रतीक के रूप में मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है.
Chief Minister ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर, रानी लक्ष्मीबाई और सावित्रीबाई फुले के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उनका साहस, समर्पण और प्रतिबद्धता आज भी समाज को प्रेरणा देती है.
उन्होंने कहा कि Rajasthan में भी महिलाओं के त्याग, समर्पण और साहस की लंबी परंपरा रही है. Chief Minister ने मीराबाई, पन्ना धाय, हाड़ी रानी, कालीबाई और अमृता देवी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और समाज एवं पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है.
Chief Minister ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने राष्ट्र को मजबूत बनाने में माताओं, बहनों और बेटियों के योगदान पर लगातार जोर दिया है. पिछले 12 वर्षों के दौरान महिलाओं के जीवन स्तर, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता को बेहतर बनाने के लिए कई पहल की गई हैं.
उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, Prime Minister उज्ज्वला योजना, स्वच्छ India मिशन और जल जीवन मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं का जीवन आसान हुआ है.
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि Prime Minister मुद्रा योजना के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जबकि लखपति दीदी पहल उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का मौका दे रही है.
उन्होंने Prime Minister मातृ वंदना योजना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी जिक्र किया. Chief Minister ने कहा कि इन पहलों के जरिए महिलाओं की नेतृत्व में भागीदारी के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया गया है.
Chief Minister ने कहा कि Rajasthan Government ने पिछले पौने तीन वर्षों में महिलाओं के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं. Prime Minister मातृ वंदना योजना के तहत आर्थिक सहायता को 5,000 रुपए से बढ़ाकर 6,500 रुपए किया गया है.
उन्होंने बताया कि मां वाउचर योजना के तहत 5.74 लाख सोनोग्राफी कूपन जारी किए गए हैं. वहीं, पात्र परिवारों को 450 रुपए में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है.
Chief Minister के मुताबिक, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य Government विभिन्न योजनाएं चला रही है. प्रदेश में छात्राओं को 13.85 लाख साइकिलें वितरित की गई हैं.
उन्होंने बताया कि कालीबाई उच्च शिक्षा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत करीब 46 हजार स्कूटी दी गई हैं. शर्मा ने कहा कि Chief Minister एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत करीब 19 लाख पेंशनधारकों को कुल 8,866 करोड़ रुपए दिए गए हैं.
Chief Minister ने बताया कि लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र कम आय वाले परिवारों में बेटी के जन्म पर 1.5 लाख रुपए का सेविंग बॉन्ड दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, क्रेच वर्कर्स और साथिनों के मानदेय में हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है.
Chief Minister के अनुसार, Rajasthan में 1.22 करोड़ महिलाओं और बालिकाओं को हर महीने मुफ्त सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
Rajasthan के Chief Minister ने कहा कि लखपति दीदी पहल के तहत 26 लाख से ज्यादा महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और करीब 20 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं.
उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रतिबद्धता, मेहनत और सामूहिक ताकत Rajasthan को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभाएगी. महिलाओं की भागीदारी 2047 तक विकसित India और विकसित Rajasthan के विजन को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण होगी.
कार्यक्रम के दौरान Chief Minister ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की 60 एंबुलेंस, नौ आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर और 185 ऑटो-टिपर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने लखपति दीदी के रूप में चयनित लाभार्थियों को स्कूटी की चाबियां भी सौंपीं.
Chief Minister ने कहा कि राज्य Government की विभिन्न पहलों का उद्देश्य महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाना और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उनके लिए ज्यादा अवसर उपलब्ध कराना है.
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एएमटी/वीसी