राजनाथ सिंह की चेतावनी से तिलमिलाया पाकिस्तान, शीर्ष सैन्य कमांडर ने दी गीदड़भभकी

New Delhi, 17 अक्टूबर . India के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से सीमा पार आतंकवाद की किसी भी नई घटना पर पहले से ज्यादा आक्रामक जवाब देने की चेतावनी से Pakistan तिलमिलाया है. इसी बेचैनी में उसके एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने गीदड़भभकी दी है. कहा है कि किसी भी ‘मिसकैलकुलेशन’ (गलत अनुमान) का जवाब ऐसा होगा, जिसकी कल्पना सीमा पार नहीं की गई होगी.
Pakistan के इस बयान को राजनाथ सिंह की सख्त चेतावनी के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते बयानबाजी के तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है.
प्रमुख Pakistanी मीडिया आउटलेट डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, Pakistan की नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आमेर रजा ने Saturday को Pakistan सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड के दौरान यह टिप्पणी की. उन्होंने कहा, “परमाणु हथियारों से लैस क्षेत्र में युद्ध की कोई जगह नहीं है,” और सेना का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि Pakistan की सशस्त्र सेनाएं देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
रजा ने कहा, ” किसी भी गलत आकलन का जवाब उनकी कल्पना से परे होगा.” सैन्य अधिकारी ने Pakistan के खिलाफ कथित शत्रुतापूर्ण इरादों और दुष्प्रचार का भी जिक्र किया.
उनकी यह टिप्पणी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने Thursday को कहा था कि सीमा पार से आतंकवाद की कोई भी नई घटना होने पर India का जवाब पिछली कार्रवाई से भी बड़ा होगा. रक्षा मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ India के रुख को स्पष्ट करते हुए किसी भी नई चुनौती का कड़ा जवाब देने का संदेश दिया था.
वहीं जियो न्यूज के मुताबिक कमांडर ने अपने खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार का भी जिक्र किया. उन्होंने India का नाम लिए बगैर कहा, ” विरोधी पक्ष Pakistan के खिलाफ दुष्प्रचार और नैरेटिव वॉरफेयर के जरिए जनता तथा सशस्त्र बलों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद Pakistan को अप्रत्यक्ष गतिविधियों के जरिए अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है.”
Pakistanी कमांडर ने अपने संबोधन में देश की रक्षा तैयारियों और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया. हालांकि, उनके बयान में India की चेतावनी के जवाब में किसी विशिष्ट सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई.
इससे एक दिन पहले, Pakistan के विदेश कार्यालय (एफओ) ने भी सिंह की टिप्पणियों को “उकसावे वाली” “आधिपत्यवादी मानसिकता” वाला करार दिया था.
राजनाथ सिंह ने 15 अक्टूबर को कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट हवाई हमले और सर्जिकल स्ट्राइक ने आतंकवाद के खिलाफ India की रणनीति में बदलाव को दर्शाया है. उन्होंने स्पष्ट किया था कि India शांति चाहता है, लेकिन उसकी प्रतिबद्धता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए.
–
केआर/


