सिद्धारमैया के स्टिंग वीडियो विवाद में कर्नाटक पुलिस ने यूट्यूब से मांगी जानकारी

Bengaluru, 17 अक्टूबर . कर्नाटक के पूर्व Chief Minister सिद्धारमैया से जुड़े स्टिंग वीडियो विवाद की जांच कर रही Police ने यूट्यूब को पत्र लिखकर तकनीकी जानकारी मांगी है. अधिकारियों ने Saturday को बताया कि Police ने वीडियो अपलोड किए जाने वाले आईपी एड्रेस और उसे अपलोड करने वाले व्यक्ति की जानकारी मांगी है.
वीडियो अपलोड करने वाले की पहचान और आईपी एड्रेस की जानकारी मांगी, साइबर क्राइम Police कई पहलुओं से कर रही जांच
साइबर क्राइम Police वायरल वीडियो की कई पहलुओं से जांच कर रही है. इसमें वीडियो के मूल स्रोत, इसे प्रसारित करने में शामिल लोगों की पहचान और इसे बनाने तथा प्रसारित करने के पीछे के मकसद का पता लगाना शामिल है.
कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर कर्नाटक में बड़ा Political विवाद खड़ा हो गया है. इस मामले में Union Minister एच.डी. कुमारस्वामी और कांग्रेस Government के बीच टकराव सामने आया है. कुमारस्वामी ने इस मुद्दे पर Chief Minister डी.के. शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खरगे पर तीखा हमला बोला है. शिवकुमार ने Union Minister के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि खरगे ने उनका जोरदार खंडन किया है. खरगे ने कहा कि जरूरत पड़ने पर इस मामले में कुमारस्वामी को गिरफ्तार भी किया जा सकता है.
इसके जवाब में कुमारस्वामी ने राज्य Government को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी और Bengaluru Police आयुक्त कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया.
Police इस मामले की जांच मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर कर रही है. पहले चरण में यूट्यूब से वीडियो अपलोड करने से संबंधित तकनीकी जानकारी मांगी गई है. इसमें आईपी एड्रेस और अन्य विवरण शामिल हैं, जिनकी मदद से वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके. दूसरे चरण में Police वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो मूल है या उसके साथ छेड़छाड़ की गई है. इसके अलावा वीडियो बनाने वाले और उसे social media पर व्यापक रूप से प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान करने की भी कोशिश की जा रही है. तीसरे पहलू के तहत Police वीडियो बनाने और उसे प्रसारित करने के पीछे के मकसद की जांच कर रही है. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इसके पीछे कोई विशेष उद्देश्य या अन्य मंशा तो नहीं थी.
Police को उम्मीद है कि तकनीकी जांच और वीडियो के मूल स्रोत का पता चलने के बाद घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने तथा जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी. इस बीच, कन्नड़ के एक निजी मीडिया संस्थान के प्रमुख ने दावा किया है कि उन्होंने ही स्टिंग वीडियो बनाया है. उन्होंने यह भी कहा है कि इस संबंध में सभी जानकारी संबंधित जांच अधिकारियों को दे दी गई है.
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डीएससी


