रणदीप सुरजेवाला ने ईडी की कार्रवाई का विरोध कर सतीश जारकीहोली का किया समर्थन

Bengaluru, 16 सितंबर . कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने Wednesday को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली के खिलाफ चल रही Enforcement Directorate (ईडी) की कार्रवाई का विरोध किया और उनका समर्थन किया. साथ ही उन्होंने कर्नाटक मंत्रिमंडल में महिला मंत्री का पद खाली रहने की जिम्मेदारी भी स्वयं ली.

Bengaluru स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कांग्रेस नेताओं, खासकर अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से आने वाले नेताओं के खिलाफ किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “मंत्री सतीश जारकीहोली को दो बार निशाना बनाया गया. Chief Minister डीके शिवकुमार को भी निशाना बनाया गया. ईडी ने पूर्व Chief Minister सिद्दारमैया के खिलाफ भी कार्रवाई की. कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी, पूर्व मंत्री बी नागेंद्र, विधायक बसनगौड़ा दद्दाल, उपChief Minister जी परमेश्वर और विधायक वीरेंद्र पप्पी के यहां भी छापे मारे गए.”

सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस के कई नेताओं पर ईडी की कार्रवाई हुई है और उनका मानना है कि इसके पीछे Political कारण हैं. उन्होंने कहा, “हम किसी भी परिस्थिति में केंद्र Government के सामने झुकने वाले नहीं हैं. हम सभी मंत्री सतीश जारकीहोली के साथ खड़े हैं.”

उन्होंने भाजपा और जेडी(एस) नेताओं के मामलों का जिक्र करते हुए Union Minister एचडी कुमारस्वामी, पूर्व Chief Minister बीएस येदियुरप्पा, पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी और रेणुकाचार्य के मामलों पर भी सवाल उठाए.

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का इस्तेमाल Political उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, तब ईडी, सीबीआई और आईटी सक्रिय हो जाते हैं और उसके बाद Prime Minister Narendra Modi तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य में आते हैं.”

कर्नाटक मंत्रिमंडल में महिला मंत्री नहीं होने के मुद्दे पर सुरजेवाला ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी उनकी है, न कि दिल्ली में बैठे कांग्रेस नेतृत्व की.

उन्होंने कहा, “कैबिनेट में कोई महिला मंत्री नहीं है. यह मेरी गलती है. यह हाईकमान की गलती नहीं है. मैं इस पद के लिए एक नाम पर सहमति नहीं बना पाया.”

सुरजेवाला ने बताया कि महिला मंत्री पद के लिए एक से अधिक दावेदार होने के कारण फैसला लेना आसान नहीं था. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही एक महिला को मंत्रिमंडल में शामिल करने का निर्णय लिया जाएगा.

उन्होंने कहा, “हम महिला सशक्तीकरण को लेकर गंभीर हैं. जल्द ही Chief Minister डीके शिवकुमार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद से चर्चा कर इस मुद्दे का समाधान किया जाएगा.”

कांग्रेस पर महिला मंत्री नहीं होने को लेकर सवाल उठाने वालों पर तंज कसते हुए सुरजेवाला ने कहा कि जो लोग आज आलोचना कर रहे हैं, उन्हें अपने कार्यकाल को भी याद करना चाहिए. उन्होंने पूर्व Chief Minister एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन Government का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान भी महिला प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठे थे.

इस बीच कांग्रेस एमएलसी गायत्री शांतेगौड़ा ने Bengaluru में Chief Minister डीके शिवकुमार से मुलाकात कर चर्चा की. कैबिनेट विस्तार के समय उनका नाम मंत्रियों की सूची में शामिल था, लेकिन उन्होंने अन्य मंत्रियों के साथ शपथ नहीं ली थी.

महिला मंत्री के लिए आरक्षित कैबिनेट पद अभी भी खाली है और कांग्रेस नेतृत्व अब तक इस पद के लिए अंतिम नाम तय नहीं कर पाया है. सुरजेवाला का यह बयान ऐसे समय आया है जब पार्टी के भीतर महिला प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

एएमटी/डीकेपी

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