
बालाघाट, 5 सितंबर . Madhya Pradesh स्थित बालाघाट के बैहर-बिरसा क्षेत्र में मलेरिया और मौसमी बीमारियों से हुई तीस बच्चों की मौत पर कांग्रेस सांसद और Lok Sabha में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने दुख जताया है.
राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि बालाघाट, Madhya Pradesh में 30 आदिवासी बच्चों की मृत्यु की खबर बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक है. इस घातक बीमारी के साथ पीने के पानी, पोषण, और समय पर इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की जान ले रहा है.
उन्होंने कहा कि ये Government की पूर्ण विफलता है. Chief Minister स्वयं इसका समाधान करें और क्षेत्र में तत्काल जांच, इलाज और राहत उपलब्ध कराएं. बच्चों की जिंदगी से समझौता नहीं हो सकता.
बैगा आदिवासी ग्राम अतरिया आरामटोला निवासी 10 वर्षीय गजेंद्र मरकाम की Thursday 3 सितंबर को मौत हो गई थी. शुरुआती जानकारी में बच्चे की तबीयत खराब होने और मलेरिया से पीड़ित होनी की बात सामने आई थी. हालांकि मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही होगी. इसके साथ ही क्षेत्र में मृतकों की संख्या 29 से बढ़कर 30 हो गई है.
आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में लगातार हो रही मौतों की वजह से ग्रामीणों के बीच खौफ का माहौल है. वहीं, Chief Minister मोहन यादव ने मृतक बच्चों के परिजनों के दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है.
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा की राज्य Government के हालात संभालने के तरीके पर निशाना साधा है. कांग्रेस का आरोप है कि Government मौतों के बारे में तथ्य छिपा रही है और मरने वालों की असल संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है.
बिरसा ब्लॉक के कुंडेक्सा, कोरका और बोंडारी गांवों में घर-घर जाकर किए गए हेल्थ सर्वे में मलेरिया, दस्त, रैशेज (चकत्ते) के साथ बुखार और त्वचा की बीमारियों के कुल 798 मामले सामने आए. Sunday तक की Governmentी रिपोर्ट के अनुसार, 320 लोग मलेरिया, 155 दस्त, 146 शरीर पर रैशेज के साथ बुखार और 177 त्वचा की बीमारियों से पीड़ित पाए गए.
पहचाने गए 798 मरीजों में से 569 का इलाज घर पर किया गया, जबकि 229 को अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में भर्ती लोगों में से 201 ठीक होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 28 का इलाज अभी भी चल रहा है.
तीनों गांवों में घर-घर जाकर हेल्थ सर्वे और इलाज का काम जारी है. हेल्थ टीमें निगरानी रख रही हैं और जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था कर रही हैं.
बीमारियों का सही कारण अभी तक पक्के तौर पर पता नहीं चल पाया है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने मलेरिया जैसे बुखार और त्वचा के संक्रमण के साथ-साथ पोषण की कमी सहित कई तरह के संक्रमणों से जुड़े लक्षणों की जानकारी दी है.
–
एमएस/