
New Delhi, 5 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi Friday को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने कॉलेज की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि एसआरसीसी केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि पीढ़ियों को उज्ज्वल भविष्य से जोड़ने वाली प्रेरणा का केंद्र रहा है.
समारोह को संबोधित करते हुए Prime Minister ने कहा, “आज का दिन एसआरसीसी के लिए ऐतिहासिक है. मैं आप सभी को इस शताब्दी समारोह की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं. जब कोई संस्थान 100 वर्ष पूरे करता है, तो वह उपलब्धियों और प्रेरणाओं का महासागर बन जाता है.”
उन्होंने कहा कि एसआरसीसी की शुरुआत दरियागंज के एक छोटे से परिसर से हुई थी और आज यह एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है, जिसने अनेक पीढ़ियों को शिक्षा और अवसरों की छाया प्रदान की है.
Prime Minister ने कॉलेज की प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा, “आज भी दिल्ली विश्वविद्यालय में अगर कोई पूछे कि आप किस कॉलेज से हैं और जवाब मिले ‘एसआरसीसी’, तो वही अपने आप में बहुत बड़ी पहचान है. सिर्फ ‘एसआरसीसी’ कहना ही एक तरह का फ्लेक्स है.”
उन्होंने एसआरसीसी के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा, “आपकी भाषा में कहूं तो यहां के एलुमनाई असली ‘ओजी’ हैं. उन्होंने दुनिया भर में एसआरसीसी का नाम रोशन किया है और अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है.”
Prime Minister ने पूर्व Union Minister अरुण जेटली को याद करते हुए कहा कि उनसे शायद ही कभी ऐसी कोई मुलाकात हुई हो, जिसमें उन्होंने एसआरसीसी के दिनों का कोई किस्सा साझा न किया हो. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि कई बार अरुण जेटली उन्हें वही किस्से बार-बार सुनाया करते थे.
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी टीम के सदस्य और अर्थशास्त्री संजीव सान्याल भी एसआरसीसी के पूर्व छात्र हैं. पीएम मोदी ने कहा कि एसआरसीसी ने केवल अर्थशास्त्र की दुनिया के लोग ही नहीं दिए, बल्कि कलाकार, राजनेता, वकील, न्यायाधीश और विभिन्न क्षेत्रों के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व भी इस संस्थान से निकले हैं.
इससे पहले Prime Minister मोदी शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली मेट्रो से एसआरसीसी पहुंचे. यात्रा के दौरान उन्होंने मेट्रो में छात्रों और सहयात्रियों से सहज बातचीत की और उनका अभिवादन भी स्वीकार किया.
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डीएससी