
Lucknow, 15 सितंबर . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर दिए गए बयान का उत्तर प्रदेश Government के मंत्री संजय निषाद ने समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि जब सभी नागरिकों का वोट बराबर है तो सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता भी बराबर होनी चाहिए.
Lucknow में से बातचीत में मंत्री संजय निषाद ने कहा कि मैं अमित शाह के बयान का स्वागत करता हूं और उन्हें धन्यवाद देता हूं कि कम से कम उन्होंने ऐसा कदम उठाया है. बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हिंदू कोड बिल का विरोध किया था, क्योंकि उसमें भेदभाव था और बाद में कांग्रेस को इसे स्वीकार करना पड़ा. आज भी कुछ धर्मों में भेदभाव है. जब वोट बराबर है, तो सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता भी बराबर होनी चाहिए.
2027 के विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर मंत्री संजय निषाद ने कहा कि हर किसी का अपना काम होता है. हम उन सीटों के बारे में बात करते हैं, जिन पर हम हार गए थे. हम सहयोगी हैं और जीत चाहते हैं. त्रेता युग में निषादराज ने भगवान राम को जीत दिलाने में मदद की थी. भगवान राम ने उन्हें गले लगाया था और उन पर भरोसा किया था. आज मोदी और योगी ने हम पर भरोसा किया है और हमें गले लगाया है. सभी सहयोगी दलों को वे सीटें दी जानी चाहिए, जिन पर वे पहले हार गए थे. हम सहयोगी तभी हैं, जब हम हारी हुई सीटों पर जीत हासिल करें.
निषाद पार्टी के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर संजय निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी आंदोलनों से ही बनी है. रेल आंदोलन, सड़क आंदोलन, जेल भरो आंदोलन, Chief Minister का घेराव, Prime Minister का घेराव और जंतर-मंतर आंदोलन-ये आंदोलन सड़कों से लेकर विधानसभा तक हुए हैं. हम समाज के पक्षधर हैं और जब समाज ने हम पर इतना भरोसा किया कि हमें इस काबिल बनाया, तो हमें न्याय के लिए सड़कों पर लड़ना ही होगा. अगर कोई अधिकारी अन्याय कर रहा है और हम बाहर नहीं निकलेंगे, तो कौन निकलेगा.
विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे के साथ अपनी मुलाकात को लेकर मंत्री संजय निषाद ने कहा कि इसका गलत मतलब निकाला जा रहा है. वे हमारे वरिष्ठ और पुराने नेता हैं. वे हमारे मार्गदर्शक भी रहे हैं. वे बीमार थे, इसलिए उनसे मिलना हमारा फर्ज था. जब दो वरिष्ठ नेता मिलते हैं, तो राजनीति पर चर्चा तो होती ही है.
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डीकेएम/पीएम